
Ajmer Discom : प्रदेश में खून जमा देने वाली सर्दी में किसानों के लग रहा करंट
हिमांशु धवल
अजमेर. अन्नदाता पर सरकार और भगवान दोनों ही रहम नहीं कर रहे हैं। किसान हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में रातभर जागकर फसलों की सिंचाई करने को मजबूर है। इसका मुख्य कारण है सरकार और बिजली कम्पनियों की अनदेखी। प्रदेश में सिंचाई के लिए रात्रि के समय ही बिजली दी जाती है। इसके क ारण खून जमा देने वाली सर्दी में उसे मजबूर होकर सिंचाई करनी पड़ती है। अजमेर विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत प्रदेश के 11 जिले आते है। अजमेर डिस्कॉम सहित अन्य डिस्कॉम में वर्तमान में तीन से चार ब्लॉक में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसमें दो ब्लॉक दिन में और ब्लॉक रात्रि में होते है। हालांकि यह पारी के अनुसार निर्धारित समय पर बदलते रहते हैं। प्रदेश के कई जिलों में देर रात 2 से 8 डिग्री के बीच तापमान रहता है। इसके बावजूद उन्हें रात्रि में ही फसलों की सिंचाई करनी पड़ती है। इसके कारण कड़ाके की सर्दी और बिजली के हादसों में कई बार काश्तकार की मौत हो जाती है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इन ब्लॉक में दे रहे बिजली
सुबह 11 से शाम 5 बजे तक
अपराह्न 3 से रात्रि 9 बजे तक
रात्रि 9 से सुबह 4 बजे तक
रात्रि 11 से सुबह 6 बजे तक
किसानों को मरने के लिए छोड़ा
सर्दी के कारण सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहता है। सर्दी के कारण लोग बिस्तरों में दुबके रहते है। सर्दी 35-40 का रिकॉर्ड तोड़ रही है। ऐसे में सरकार सिंचाई के लिए रात में बिजली की सप्लाई देती है। इसके कारण काश्तकारों को मजबूर होकर हाडकंपा देने वाली सर्दी में सिंचाई करनी पड़ती है। सर्दी से किसान बीमार हो रहे है तो कई काश्तकारों की मौत तक हो जाती है। सरकार ने किसानों को लावारिश छोड़ दिया है। ऐसे में दिन में ही बिजली की सप्लाई दी जानी चाहिए।
- भागीरथ चौधरी, सांसद अजमेर
रात में बिजली देना दुर्भाग्यपूर्ण
प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने आप को किसान हितैषी और शुभचिंतक बताती है। किसानों को सिंचाई के लिए कड़ाके की सर्दी में रात्रि में बिजली दी जा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे वह सर्दी से बच सके और फसलों की सिंचाई भी कर सके।
- देवी शंकर भूतड़ा, देहात जिलाध्यक्ष भाजपा
सिर्फ 100 जीएसएस पर तीन ब्लॉक में आपूर्ति
अजमेर डिस्कॉम में 1630 जीएसएस है। इसमें से 1527 जीएसएस पर दो ब्लॉक में सिंचाई के लिए बिजली दी जा रही है। शेष 100 जीएसएस में भी तीन ब्लॉक में बिजली दी जा रही है। अन्य डिस्कॉम में चार ब्लॉक में बिजली दी जा रही है, फिर भी चैयमैन डिसीजन दे देंगे तो 26 जनवरी तक दो ब्लॉक में बिजली देना शुरू कर देंगे।
- वी. एस. भाटी, प्रबंध निदेशक अजमेर डिस्कॉम
Published on:
07 Jan 2020 11:49 am
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