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ससुरे वोटर बड़े दगाबाज रे…

कवि सम्मेलन : देर रात तक श्रोताओंं ने लगाए ठहाके राजस्थान मीरा की धरती, तुझे लाखों नमन मेरे राजस्थान की धरती, तुम्हारे बिन कहां मुमकिन है दरिया पार कर लेना, तुम्हारे बिन कहां मुमकिन स्वर शृंगार कर लेना, मोहब्बत गा रहीं हूं स्वीकार कर लेना।नीमच से आई कवियत्री सुमित्रा सरल की शृंगार रस की रचनाएं पेश कर श्रोताओं को गुदगुदाया।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Mar 27, 2023

ससुरे वोटर बड़े दगाबाज रे...

ससुरे वोटर बड़े दगाबाज रे...

अजमेर. राजस्थान मीरा की धरती, तुझे लाखों नमन मेरे राजस्थान की धरती, तुम्हारे बिन कहां मुमकिन है दरिया पार कर लेना, तुम्हारे बिन कहां मुमकिन स्वर शृंगार कर लेना, मोहब्बत गा रहीं हूं स्वीकार कर लेना।नीमच से आई कवियत्री सुमित्रा सरल की शृंगार रस की रचनाएं पेश कर श्रोताओं को गुदगुदाया। मौका था जैन सोशल ग्रुप की ओर से कवि सम्मेलन का। भगवान महावीर के 2621 जन्म कल्याणक दिवस व अजमेर के 911 वें स्थापना दिवस के मौके पर छतरी योजना में आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने देर रात तक ठहाके लगाए। कवि सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आगरा से आए प्रताप फौजदार ने जिन्होंने अपने चुटीले अंदाज में हास्य व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया।

कवि सम्मेलन का आगाज कवियत्री सुमित्रा सरल ने वरदायनी की जय सदा,आपने हटाई हर आपदा, हर भाव को देती शब्द की संपदा...से किया।इसके बाद धौलपुर से आए रामबाबू सिकरवार ने राजनीति व्यवस्था पर व्यंग्य कसते हुए फिल्मी गीतों पर पैरोडी सुनाई। उन्होंने दगा बाज रे, इनको भेजो तिहाड़ कुर्सी से चिपके फेविकोल से, ससुरे वोटर बड़े दगाबाज, चिकन खा गए मटन खा गए, मुफ्त में पी गए शराब रे, वोटर बड़े दगा बाज रे.. सुना कर दर्शकों की खूब वाह वाही लूटी। देशभक्ति से ओतप्राम जो वतन की खातिर मिटे उनको सलाम है, आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा, दुनिया को बता दिया हिन्दुस्तान है... सुना कर माहौल को भावुक कर दिया।

कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे अलवर के तिजारा से आए कमलेश जैन बसंत ने जैन संतों व महावीर भगवान पर रचनाएं सुना कर माहौल को धर्ममय बना दिया। उन्होंने जैन तीर्थंकरों पर रचना सुनाई जिसे श्रोताओं ने खुब सराहा। कमलेश ने न घोड़ा न गाड़ी बिना समर्थन के चलती मेरे गुरूवार की सरकार, जैन आचार्य विद्यासागर रचनाएं सुनाईं।अंत में आगरा के प्रताप फौजदार ने सरदार पर हास्य चुटकियां पेश कर लोगों को खूब हंसाया। उन्होंने सरदार पटेल को 1947 में ही पीएम बनाने के सुझाव संबंधी रचना सुना कर राजनीति पर व्यंग्य कसा। उन्होंने कहा कि जिसमी मस्ती जिंदा है उसकी हस्ती जिंदा है वरना वो जबरदस्ती जिंदा है,जैन धर्म के अंहिसा के संदेश को लेकर उन्होंने कोई लड़ाई नहीं कोई झगड़ा नहीं जीत अपनी सुना कर खूब वाह वाही लूटी।

इससे पूर्व आयोजक संस्था की अध्यक्ष रूपश्री जैन व अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके राजस्थान पर्यटन निगम के अध्यक्ष राज्य मंत्री धर्मेन्द्र राठौड, सांसद भागीरथ् चौधरी, विधायक अनिता भदेल, विधायक वासुदेव देवनानी, उपमहापौर नीरज जैन,निवर्तमान अध्यक्ष विजय जैन, पूर्व विधायक डॉ श्रीगोपाल बाहेती, डॉ राजकुमार जयपाल, कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह रलावता, शिव कुमार बंसल, पार्षद नौरत गुर्जर, हेमंत जोधा, सर्वेश पारीक, कपिल सारस्वत, सुखाराम पिंडेल आदि