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Panchayat chunav : पिता-पुत्र में सरपंचाई के लिए लड़ाई

पंचायतीराज चुनाव : तिलोरा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए पिता-पुत्र आमने सामने

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Panchayat chunav : पिता-पुत्र में सरपंचाई के लिए लड़ाई

Panchayat chunav : पिता-पुत्र में सरपंचाई के लिए लड़ाई

पुष्कर (अजमेर).

निकटवर्ती तिलोरा पंचायत के सरपंच पद के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख शुक्रवार को रोचक स्थिति सामने आई। यहां 6 जने सरपंच पद के लिए चुनाव मैदान में हैं।

इनमें पूर्व सरपंच समन्दर सिंह रावत के सामने उन्हीं का पुत्र महावीर सिंह भी चुनाव मैदान में है। पीठासीन अधिकारी हंसराज जैन ने बताया कि कुल 7 जनों ने सरपंच पद के लिए नामांकन भरा। इसमें राधेश्याम प्रजापति ने नाम ले लिया।

अंतिम समय के बाद कुल 6 जने सरपंच पद के लिए चुनाव मैदान में रहे। इनमें पूर्व सरपंच समन्दर सिंह, उनका पुत्र महावीर सिंह रावत, कन्हैयालाल, कालूसिंह, जगमाल, मोटूसिंह शामिल हैं।

प्रचार हुआ न मतदान, बन गए पंच-सरपंच

भिनाय पंचायत समिति की पड़ांगा ग्राम पंचायत में पूरा कोरम निर्विरोध निर्वाचित,अजमेर जिले में पंचायतीराज के प्रथम चरण के चुनाव में यह बनी आदर्श पंचायत,गुरुवार को नामजदगी पर्चा वापसी के दिन हुई तस्वीर साफ,अब बिना मतदान कराए ही वापस लौटेगा मतदान दल

अजमेर. पंचायतीराज के चुनाव में जिले की एक ऐसी पंचायत बिना किसी मतदान के चुन ली गई जो चर्चा का विषय रही। एक ओर जहां सरपंच चुनाव के लिए प्रत्याशी लाखों रुपए खर्च कर देते हैं। प्रचार-प्रसार में बैनर, पर्चे, सभाएं और बड़े-बड़े कटआउट लगाए जाते हैं।

जनसम्पर्क के दौरान घर-घर दस्तक दी जाती है। वोट के लिए शराब और नोट वितरण की भी शिकायतें रहती है। सरपंच का पद मलाईदार माना जाता है। चुनाव मैदान में प्रतिद्वंद्वी से तगड़ा मुकाबला होता है। चुनावी रंजिश भी बन जाती है, लेकिन ग्राम पंचायत पड़ांगा ने इन सबको झुठला दिया।

एक-एक ही प्रत्याशी रहा चुनाव मैदान में

यहां सरपंच और वार्ड पंच के लिए कोई मतदान नहीं हुआ। गुरुवार को नामजदगी पर्चा वापस लेने के दौरान सभी ने चुनाव मैदान खाली कर दिया। सिर्फ सरपंच पद के लिए बालचंद ही अकेले रह गए। साथ में पांच वार्डों में भी एक-एक ही उम्मीदवार रहा।

ऐसा होता देख चुनाव कराने गई पोलिंग पार्टी भी आश्चर्यचकित हो गई। चुनाव के लिए न कोई प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित हुए और न ही मतदान के लिए कोई कतार लगी। मतदाता पर्चियां भी नहीं बंटी।

चुनाव मैदान में सरपंच सहित वार्ड पंच एक-एक ही रहने पर रिटर्निंग अधिकारी ने इन सभी को निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण-पत्र सौंप दिया। इसके बाद समर्थकों ने विजयी घोषित उम्मीदवारों को मालाओं से लाद दिया।