
अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में क्षतिग्रस्त फायर फाइटिंग सिस्टम।
अजमेर. जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम (अग्नि शमन प्रणाली) धूल फांक रहा है। सिस्टम फेल होने के साथ इसके सामान भी चोरी हो चुके हैं। वर्तमान में इसका धणी धोरी कौन है इसकी जानकारी भी नहीं है। अगर आगजनी की घटना हो गई तो भारी नुकसान हो सकता है।
अस्पताल के मुख्य भवन में आगजनी की घटना होने पर तत्काल आग पर काबू पाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की इलेक्टि्क विंग की ओर से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया। वाटर वर्क्स की टंकी के सामने गेट से होकर अस्पताल परिसर, एक्स-रे रूम, सोनोग्राफी रूम, ब्लड बैंक के आस-पास स्टील की पाइप लाइन बिछाई गई। कुछ जगह छोटी-छोटी केबिनें बनाकर उसमें प्लास्टिक के पाइप एवं रोलर लगाए गए, लेकिन वर्तमान में सिस्टम फेल हो चुका है।
फायर फाइटिंग सिस्टम की केबिनों से सामान चोरी हो चुका है। कहीं तो केबिनों से रोलर निकाल लिए गए तो कहीं प्लास्टिक का पाइप चोरी हो गया है।
पाइप लाइन में पानी खोलने के लिए लगाई गई टोंटी एवं नोजल आदि जंग खा गए हैं। लम्बे समय से इस सिस्टम का उपयोग नहीं हुआ, ना समय अंतराल के दौरान टेस्टिंग हुई।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से अस्पताल परिसर के पीछे बनाई गई पानी की टंकी से कनेक्शन लेकर इस सिस्टम को जोड़ा गया था, ताकि आग लगने पर पानी की सप्लाई सुचारू रह सके।
Updated on:
07 Jun 2024 03:03 pm
Published on:
07 Jun 2024 03:03 pm
