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pushkar mela 2017 : बिना ब्रेक लगाए पुष्कर पहुंचते हैं विदेशी सैलानी, राज जानकर हो जाएंगे आप हैरान

अजमेर एवं पुष्कर में विदेशी पर्यटकों के आंकड़े गवाह हैं कि विदेशी पर्यटकों को पुष्कर ही रास आता है।

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foreign tourist visit in pushkar

foreign tourist visit in pushkar

भारत और खासतौर पर राजस्थान आने वाले ज्यादातर सैलानियों को आप पूछेंगे तो वह एक ही जगह का नाम बताएगा। वो नाम है तीर्थनगरी पुष्कर। विदेशी सैलानी बिना ब्रेक लगाए सीधे पुष्कर पहुंचते है। अजमेर का ऐतिहासिक महत्व, यहां की पुरा सम्पदा एवं पर्यटन स्थलों के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बावजूद विदेशी पर्यटकों का सालभर पुष्कर के प्रति क्रेज बना रहता है। पुष्कर मेले के अलावा सालभर अजमेर एवं पुष्कर में विदेशी पर्यटकों के आंकड़े गवाह हैं कि विदेशी पर्यटकों को पुष्कर ही रास आता है।

पर्यटन विभाग की ओर से पिछले दस सालों में अजमेर एवं पुष्कर में सालभर में आने वाले विदेशी पर्यटकों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। पुष्कर में विगत वर्ष एक साल में करीब 98 हजार 159 विदेशी पर्यटक पहुंचे जबकि अजमेर में इसी वर्ष 41 हजार 128 पर्यटक ही पहुंचे। सालभर आने वाले पर्यटक अजमेर शहर से सिर्फ गुजरते हैं, बंद गाडिय़ों से अजमेर को निहारते हैं और पुष्कर के लिए रवाना हो जाते हैं। जबकि पुष्कर में एक से अधिक दिनों के लिए स्टे भी करते हैं। होटलों के साथ कमरे किराए पर लेकर महीनों तक रहते भी हैं।

अजमेर के लिए नहीं होते प्रयास

विदेशी पर्यटकों का अजमेर के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यही वजह है कि अजमेर से गुजरने के बावजूद विदेशी पर्यटक बंद गाडिय़ों से ही अजमेर को निहारते हैं। स्मार्ट सिटी बन रहे अजमेर के प्रति विदेशी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनानी चाहिए।

पुष्कर में आकर्षण के कई कारण

विदेशी सैलानियों के पुष्कर में आने के पीछे कई कारण हैं। पुष्कर में उन्होंने सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म को समझने जानने का अवसर मिलता है। कई विदेशी यहां शोध करने भी आते हैं। इसके अलावा यहां के रेतीले धोरे, नाग पहाड़, खुले मैदान, गुलाब और गैंदे के खेत-खलिहान, कैमल और डेजर्ट सफारी बहुत पसंद आती है। पुष्कर का सुहावना मौसम, रात में धोरों की ठंडक, ठेठ राजस्थानी भोजन, लोकगीत और लोक नृत्य भी उन्हें आकर्षित करते हैं। घाटों पर पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार सुनना भी उन्हें अच्छा लगता है। अजमेर में आकर्षण के लिए ऐसा कुछ खास नहीं है। यद्यपि यहां राजकीय संग्रहालय, आनासागर झील , तारागढ़ का किला, ख्वाजा साहब की दरगाह भी है, लेकिन विदेशियों की पहली पसंद पुष्कर ही होती है।

विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा एक नजर में
(पिछले 12 साल)

वर्ष अजमेर पुष्कर
2004 1315 43980

2005 3665 61307
2006 16493 73573

2007 17452 76959
2008 25796 86030

2009 22517 75155
2010 25731 79682

2011 30767 69891
2012 30750 70760

2013 27016 62353
2014 33069 70603

2015 36421 69494
2016 41128 98251