अजमेर. पूर्व क्रिकेटर एवं 1983 वल्र्डकप विजेता टीम के सदस्य अरूण लाल ने कहा कि धोनी सिर्फ धोनी है, वे जब तक खेलना चाहे खेलें। वे ही जानते हैं कि उन्हें कब अलविदा कहना है। वे अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं। उम्र की कोई बाध्यता नहीं है, अभी उनमें क्रिकेट के प्रति जुनून है। संन्यास का फैसला उन्हीं पर ही छोडऩा चाहिए।
अजमेर में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जियारत के बाद पत्रकारों से बातचीत में अरूण लाल ने कहा कि भीरतीय क्रिकेट टीम बहुत अच्छा खेल रही हैं। टेस्ट टीम में भारत नम्बर वन है। कप्तान विराट कोहली एवं टीम के कोच रविशास्त्री में कॉम्बिनेशन बहुत बढिय़ा है। पॉजीटिव एनर्जी के साथ दोनों काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्रिकेट से 50 सालों का नाता है। अभी भी वे क्रिकेट से जुड़े हैं। वर्तमान में वे बंगाल टीम की कोचिंग कर रहे हैं। जयपुर में विजय हजारे ट्रॉफी के सिलसिले में वे जयपुर आए थे, जहां से वे शनिवार को अजमेर पहुंचे और दरगाह में जियारत की।
अजमेर के मेयो कॉलेज में की थी पढ़ाई
अरूण लाल ने कहा कि उनकी स्कूलिंग अजमेर के मेयो कॉलेज से हुई है। उन्होंने स्कूल, कॉलेज के बाद रणजी क्रिकेट खेलने के बाद भारतीय टीम के सदस्य रहे। कई वर्षों से वे कॉमेंट्री कर रहे हैं। वर्तमान में बंगाल टीम के कोच हैं। उन्होंने कहा कि जब अजमेर में रहे तब कभी दरगाह नहीं आए लेकिन बरसों बाद आज दिल की तमन्ना पूरी हुई, हालांकि हर वर्ष उनके परिवार के सदस्य अजमेर दरगाह आकर उनके लिए मन्नत मांगते हैं। शनिवार को उन्होंने गरीब नवाज के मजार पर मखमली चादर और फूल पेश कर ख्वाजा साहब का शुक्रराना अदा किया। अरूण लाल को अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह ने जियारत कराई।