15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बसंत पंचमी 2020 : 409 बसंत देख चुका हमारा किशनगढ़

किशनगढ़ का मनाया स्थापना दिवस दीप जलाए, की आतिशबाजी

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Preeti Bhatt

Jan 30, 2020

बसंत पंचमी 2020 : 409  बसंत देख चुका हमारा किशनगढ़

बसंत पंचमी 2020 : 409 बसंत देख चुका हमारा किशनगढ़

मदनगंज-किशनगढ़. किशनगढ़ की स्थापना (Foundation Day celebrated of Kishangarh) के 409 वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को बसंत पंचमी(basant panchmi) के अवसर पर दीप जलाकर अतिशबाजी की गई। मां भारती रक्षा मंच के सचिव राकेश सोनी ने बताया कि मुख्य चौराहे पर शाम को दीपों की श्रंखला से 409 बनाकर खुशी मनाई गई। इस मौके पर संरक्षक गोविन्द बाहेती, लक्ष्मीनारायण सोनगरा, विजय पारीक, राजेश नवहाल आदि ने किशनगढ़ की प्रसिद्ध चित्र शैली बणी ठणी के इतिहास के बारे में बताया।

Read More: Ajmer News: शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर रोशनी से यूँ जगमगाया शहीद स्मारक

दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला किशनगढ़

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर). किशनगढ़ के वर्तमान स्वरूप ने तीन बड़े चरणों में अपना आकार लिया है। सबसे पहले किले और पुराने शहर फिर नए शहर और वर्तमान मदनगंज की बसावट हुई है। अब औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है। किशनगढ़ अब तक करीब दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैल चुका है और इसका विस्तार निरन्तर जारी है।

विश्व प्रसिद्ध किशनगढ़ की बणी-ठणी चित्र शैली को संरक्षण की जरूरत

किशनगढ़ की स्थापना वर्ष १६११ में होने के बाद से ही पुराने शहर का निर्माण और बसावट हुई। यहां आबादी की बसावट होने और भवनों के निर्माण के बाद नए क्षेत्रों की आवश्यकता हुई। इसके कारण नए शहर का विकास प्रारंभ हुआ। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए परकोटे का भी विस्तार किया गया। इससे अजमेरी गेट, गुमानङ्क्षसह गेट और बिहारीपोल का निर्माण किया गया। इसके बाद अंगे्रजों के समय में रेलवे लाइन के पास तत्कालीन शासक मदनसिंह के नाम से वर्तमान मदनगंज की बसावट हुई।

Mahatma Gandhi's death anniversary : शहादत को सलाम........

अब तो नगर का विस्तार जयपुर रोड पर चिडिय़ाबावड़ी और अजमेर रोड पर परासिया तक हो गया। वहीं खोड़ा गणेश रोड, रामनेर ढाणी की ओर नगरीय आबादी की बसावट होती जा रही है। अजमेर-जयपुर हाइवे और मेगा हाइवे स्थित मार्बल औद्योगिक क्षेत्र के पांच चरण विकसित हो चुके हैं, अब छठा चरण भी जल्द आकार ले लेगा। सिलोरा में भी औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण हो चुका है। वहीं खोड़ा गणेश रोड पर अलग पावरलूम औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रस्तावित है।

Patrika campaign : डेढ़ हजार बारातियों ने ली स्वच्छता की शपथ