26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईएएस कोटा के चार पद हो जाएंगे रिक्त, इधर, मुकदमों का बोझ

– राजस्व मंडल में चार दिन बाद अध्यक्ष सिंह का कार्यकाल होगा पूर्ण -60 हजार से अधिक मुकदमों का पहले से ही बोझ अजमेर. राजस्व मंडल में निर्धारित कोटे से आधी चल रही जजों की संख्या में 31 जुलाई को और कमी आ जाएगी। 31 जुलाई को लगभग तीन साल पूर्ण करने के बाद राजस्व मंडल […]

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Jul 27, 2024

revenue board

revenue board

- राजस्व मंडल में चार दिन बाद अध्यक्ष सिंह का कार्यकाल होगा पूर्ण

-60 हजार से अधिक मुकदमों का पहले से ही बोझ

अजमेर. राजस्व मंडल में निर्धारित कोटे से आधी चल रही जजों की संख्या में 31 जुलाई को और कमी आ जाएगी। 31 जुलाई को लगभग तीन साल पूर्ण करने के बाद राजस्व मंडल के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह का सेवाकाल पूर्ण हो जाएगा। इनके साथ ही मंडल में अब आईएएस कोटे के पांच सदस्यों में से मात्र एक सदस्य आर.डी. मीणा रह जाएंगे। चार पद इस कोटे में खाली रह जाएंगे।

60 हजार से अधिक मुकदमों का बोझ लेकर चल रहे राजस्व मंडल में सदस्यों की संख्या पहले ही आधी है। 21 सदस्यों के मंडल में सदस्यों की संख्या इस प्रकार रह जाएगी। कुल 21 पदों में से मात्र 10 पद भरे हुए हैं।आईएएस कोटा : कुल पांच पद - अध्यक्ष - राजेश्वर सिंह, सदस्य- आरडी मीणा। 31 जुलाई को अध्यक्ष राजेश्वर सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद आईएएस कोटे के चार पद रिक्त हो जाएंगे।

राजस्थान उच्च न्यायिक सेवा : कुल पद दो, दोनों भरे - अविनाश चौधरी, राजेन्द्र, बडि़या।

आरएएस कोटा : कुल 11 पद, सात भरे - सुरेन्द्र माहेश्वरी, भंवर सिंह सांदू, बीएस पालावत, श्रवण कुमार बुनकर, आर के शर्मा, कमला अलारिया, महेन्द्र लोढ़ा।

वकील कोटा - दो पद हैं और दोनों ही रिक्त।

--------------

तीन वर्षों में 3.99 लाख प्रकरण निस्तारित

विगत तीन वर्षों में अध्यक्ष सिंह के कार्यकाल में राजस्व मण्डल सहित राज्य के संभागीय आयुक्त, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त व अधीनस्थ राजस्व अदालतों में करीब 4 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निपटारा हुआ।

न्यायालयों की कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार

वर्ष 2023 में राज्य के अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्णय लेखन प्रतियोगिता के तहत राज्य, संभाग एवं जिला स्तर पर चयनित प्रविष्टियां तथा पंचवर्गीय निबंध लेखन प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त रचनाओं को पाठ्य सामग्री का प्रकाशन राविरा के अंक में किया गया। राजस्व न्यायालय एवं कार्यालयों का दीर्घकालिक अनुभव रखने वाले लेखकों के भू अभिलेख आधुनिकीकरण, कृषि प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन नियम, अधिकारियों के कर्तव्य, समस्याओं का समाधान, न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय, राजस्व न्याय व्यवस्था में सुधार तथा राजस्थान में ई गवर्नेंस विषयक आलेखों को भी शामिल किया गया है। मंडल स्तर से जनरलाइज्ड कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में जीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन राजस्व प्रकरण दर्ज कराने की सुविधा शुरू की गई, जिससे अभिभाषक ऑनलाइन प्रकरण दर्ज कर राजस्व मण्डल को भेज सकता है।