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ये गैंग दिनभर ई-रिक्शा चलाकर करता रैकी, बाद में माल लेकर यूं हो जाते चम्पत

ई-रिक्शा में महिलाएं सवार होने से किसी को भी शक नहीं होता।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 15 Apr 2018, 10:00 AM IST

police arrest gang

police arrest gang

अलवर गेट थाना पुलिस ने नकबजन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है। आरोपित दिन के उजाले में रैकी करते है। वहीं अलसुबह कचरा-बीनने की आड़ में चोरी की वारदात अंजाम देकर निकल जाते हैं। गिरोह में महिलाएं भी शामिल है। गिरोह के सरगना ने अलवर गेट थाना क्षेत्र की करीब आधा दर्जन चोरी की वारदातें कबूली है।

थानाप्रभारी हरिपाल सिंह ने बताया कि अलवर गेट थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए आईपीएस मोनिका सेन के निर्देशन में अलवर गेट व रामगंज थाने की टीम का गठन किया। संयुक्त टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए कुख्यात नकबजन गिरोह के सरगना भगवान गंज सांसी बस्ती निवासी शंकर (28) पुत्र चमन सांसी व भूरिया उर्फ राजकमल (22) पुत्र सम्मत सांसी को गिरफ्तार किया।

गिरोह ने अलवरगेट थाना क्षेत्र में छह से ज्यादा चोरी व नकबजनी की वारदातें अंजाम देना कबूला है। पुलिस की संयुक्त टीम में अलवर गेट थाने से उप निरीक्षक कन्हैया लाल, हैडकांस्टेबल विनोद कुमार, सिपाही श्याम सिंह, लीलाराम, जगदीश और रामगंज थाने से भगवानगंज चौकीप्रभारी मुकेश यादव व प्रहलाद सिंह शामिल थे।

यह वारदातें कबूली

पुलिस पड़ताल में शंकर सांसी ने आम का तालाब में घरों में चोरी, गणेश नगर से वॉशिंग मशीन की चोरी, नगरा क्षेत्र में शिव इलेक्ट्रोनिक्स से कूलर की समेत करीब आधा दर्जन वारदातें अंजाम देना कबूली। पुलिस आरोपितों से गहनता से पड़ताल में जुटी है।

गिरोह में शामिल है महिलाएं

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि गिरोह के सरगना शंकर के खिलाफ भीलवाड़ा, टोंक, अजमेर के पुलिस थानों में नकबजनी के कई प्रकरण दर्ज है जबकि राजकमल के खिलाफ 2 प्रकरण दर्ज है। गिरोह में करीब आधा दर्जन सदस्य है। इसमें महिलाएं भी शामिल है। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

ऐसे करते है वारदात

गिरोह दिन में ई-रिक्शा में रैकी करते है। फिर अलसुबह 3 से सुबह 6 बजे के बीच नकबजनी व चोरी की वारदात को अंजाम देते है। महिलाएं कचरा बीनने के बहाने सुबह निकलती है। वारदात अंजाम देने के बाद गिरोह ई-रिक्शा में माल समेत फरार हो जाता। ई-रिक्शा में महिलाएं सवार होने से किसी को भी शक नहीं होता।