
खुला जन्नती दरवाजा, उमड़े अकीदतमंद
ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 811 वें उर्स को लेकर दरगाह में रविवार सुबह जन्नती दरवाजा खोला गया। जन्नती दरवाजे से बाहर निकलने को लेकर अकीदतमंद की भीड़ उमड़ी। सिर पर मखमली चादर और फूलों की टोकरी लेकर जायरीन दिनभर दरवाजे से प्रवेश करते रहे।
चांद रात यानि रविवार सुबह जन्नती दरवाजा खोला गया। दरवाजा खुलते ही अकीदतमंद उसमें से प्रवेश के लिए उमड़े। जायरीन ने दरवाजे पर माथा टेक और हाथ लगाकर दुआ मांगी। कई जायरीन ने दरवाजे पर मन्नत का धागा और छोटे ताले बांधे।
छलक पड़े आंसू
जन्नती दरवाजे के बाहर बैठकर कई महिलाओं-पुरुषों ने दुआ मांगी। इस दौरान जायरीन की आंखें छलक पड़ी। जायरीन काफी देर तक दरवाजे के समीप जालियां पकड़कर बैठे नजर आए।
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अजमेर. इस्लामिक माह रजब का चांद देखने के लिए रविवार को हिलाल कमेटी की बैठक होगी। चांद दिखाई देने पर रविवार रात से ही सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 811वें उर्स की धार्मिक रस्में शुरू हो जाएंगी। चांद नहीं दिखा तो सोमवार रात को उर्स की पहली महफिल होगी।
चांद देखने के लिए रविवार शाम 7 बजे हिलाल कमेटी की बैठक दरगाह कमेटी कार्यालय में होगी। अजमेर सहित आस-पास के इलाकों अथवा किसी अन्य शहर में चांद दिखने की सूचना मिलने पर बड़े की पीर की पहाड़ी से तोप दागकर और दरगाह परिसर में शादियाने व नगाड़े बजाकर चांद की घोषणा की जाएगी। साथ ही महफिल खाने में उर्स की पहली महफिल होगी। इसकी सदारत दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन अली खान करेंगे। दीवान आस्ताना शरीफ में गुलाब जल और केवड़े से गुस्ल देंगे।
पांच रजब को वसंत-कदीमी महफिल
पांच रजब को दरगाह में वसंत पेश किया जाएगा। फूलाें के गुलदस्ते के आगे शाही कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करते चलेंगे। वसंत के फूलों को मजार शरीफ पर पेश किया जाएगा। इसी दिन दोपहर 2.30 बजे खानकाह में कदीमी महफिल होगी। इसमें देशभर के सज्जादानशीन और धर्मप्रमुख हिस्सा लेंगे। महफिल के बाद विशेष दुआ होगी।
Published on:
22 Jan 2023 11:24 am
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