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देश में एकमात्र सोने की अयोध्यानगरी की देखें आकर्षक तस्वीरें

सोनी जी की नसिया जैन मंदिर में 124 वर्ष पहले सन 1895 में बनाई गई 'स्वर्णिम अयोध्यानगरी' स्वर्णिम युग को जीवंत कर रही है यह नगरीस्वर्णिम अयोध्या नगरी बनाने में लगे थे 25 वर्ष

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Golden Ayodhyanagari in India

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ यानि भगवान ऋषभदेव के युग में भारतवर्ष में स्थापित अयोध्यानगरी के अद्भुत व स्वर्णिम दृश्य देखने हैं तो धार्मिक शहर अजमेर ही ऐसी जगह है, जहां हम उस काल के स्वर्णयुग की सैर कर सकते हैं। जी हां, अजमेर स्थित सोनी जी नसियां स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में देश की एकमात्र स्वर्णिम अयोध्या नगरी का निर्माण कर रखा है। जैन धर्म के किसी भी मंदिर में इस तरह की अद्भुत अयोध्यानगरी की रचना नहीं है। इसलिए देश-दुनिया के लाखों लोग हर वर्ष अजमेर के सोनीजी की नसियां के जैन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं और यहां स्वर्णिम अयोध्या नगरी का दर्शन कर गौरवांवित महसूस करते हैं। स्वर्णिम अयोध्या नगरी की रचना इतनी सुन्दर व कलात्मक तरीके से की गई हैं कि घंटों तक इसको देखने की इच्छा रहती है।

Golden Ayodhyanagari in India

देश में एकमात्र सोने से निर्मित अयोध्यानगरी भी हैं। जो जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ यानि ऋषभदेव के जन्म से लेकर निर्वाण तक काल का जीवंत चित्रण कराती है। स्वर्णिम अयोध्या नगरी अजमेर स्थित सोनी जी की नसिया दिगम्बर जैन मंदिर में स्थापित है।

Golden Ayodhyanagari in India

गर्भ कल्याणक- माता मरुदेवी के रात्रि में 16 स्वप्न देखे थे, जिसके फलानुसार भावी तीर्थंकर का अवतरण अयोध्या में हुआ। इसमें देवविमान और माता के स्वप्न दर्शाए गए हैं।

Golden Ayodhyanagari in India

जन्म कल्याणक- ऋषभदेव के जन्म पर इंद्र के आसन कंपायमान होने, ऐरावत हाथी पर बालक ऋषभवदेव को सुमेरू पर्वत ले जाने, पांडुकशिला पर अभिषेक और देवों की शोभायात्रा को दर्शाया गया है।

Golden Ayodhyanagari in India

जन्म कल्याणक- ऋषभदेव के जन्म पर इंद्र के आसन कंपायमान होने, ऐरावत हाथी पर बालक ऋषभवदेव को सुमेरू पर्वत ले जाने, पांडुकशिला पर अभिषेक और देवों की शोभायात्रा को दर्शाया गया है।

Golden Ayodhyanagari in India

जन्म कल्याणक- ऋषभदेव के जन्म पर इंद्र के आसन कंपायमान होने, ऐरावत हाथी पर बालक ऋषभवदेव को सुमेरू पर्वत ले जाने, पांडुकशिला पर अभिषेक और देवों की शोभायात्रा को दर्शाया गया है।

Golden Ayodhyanagari in India

तप कल्याणक- महाराज ऋषभदेव के दरबार में अप्सरा नीलांजना का नृत्य, ऋषभदेव के संसार त्याग कर दिगंबर मुनि बनने और केशलौंचन को दर्शाया गया है।

Golden Ayodhyanagari in India

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ यानि भगवान ऋषभदेव के युग में भारतवर्ष में स्थापित अयोध्यानगरी के अद्भुत व स्वर्णिम दृश्य देखने हैं तो धार्मिक शहर अजमेर ही ऐसी जगह है, जहां हम उस काल के स्वर्णयुग की सैर कर सकते हैं। जी हां, अजमेर स्थित सोनी जी नसियां स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में देश की एकमात्र स्वर्णिम अयोध्या नगरी का निर्माण कर रखा है। जैन धर्म के किसी भी मंदिर में इस तरह की अद्भुत अयोध्यानगरी की रचना नहीं है। इसलिए देश-दुनिया के लाखों लोग हर वर्ष अजमेर के सोनीजी की नसियां के जैन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं और यहां स्वर्णिम अयोध्या नगरी का दर्शन कर गौरवांवित महसूस करते हैं। स्वर्णिम अयोध्या नगरी की रचना इतनी सुन्दर व कलात्मक तरीके से की गई हैं कि घंटों तक इसको देखने की इच्छा रहती है।

Golden Ayodhyanagari in India

तप कल्याणक- महाराज ऋषभदेव के दरबार में अप्सरा नीलांजना का नृत्य, ऋषभदेव के संसार त्याग कर दिगंबर मुनि बनने और केशलौंचन को दर्शाया गया है।

Golden Ayodhyanagari in India

तप कल्याणक- महाराज ऋषभदेव के दरबार में अप्सरा नीलांजना का नृत्य, ऋषभदेव के संसार त्याग कर दिगंबर मुनि बनने और केशलौंचन को दर्शाया गया है।