अजमेर. बिपरजॉय तूफान के कारण गत दिनों हुई बारिश बीसलपुर बांध के लिए अमृतदायी साबित हो रही है। इसके चलते मानसून की बारिश में बांध में अच्छी आवक हो रही है।आमतौर पर मानसून की शुरूआती बारिश में बांध तक पानी नहीं पहुंचता है। तेज बरसात में भी बांध में पानी की कम आवक होती हैं। क्योंकि शुरूआत में पड़ा पानी सूखी जमीन में जज्ब हो जाता है। वहीं बांध के कैचमेन्ट क्षेत्र में बने गड्ढों में रुक जाता है।
बिपरजॉय से बदला मिजाज
लेकिन इस बार बिपरजॉय तूफान के कारण जून के दूसरे सप्ताह में कई बार अजमेर, केकड़ी, टोंक सहित बांध के कैचमेन्ट क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। इस बारिश से जमीन तर हो गई। वहीं बांध के पेटे में बने गड्ढों में भी पानी भर गया। बांध में भी पानी की आवक हुई। इसके चलते मानसून बारिश बांध के लिए लाभदायक साबित हो रही है।
पहली बारिश में ही पहुंचा 11 सेमी पानीजून के आखिरी दिनों हुई मानसून की बारिश में बांध में पानी की बम्पर आवक हुई। 28 जून को बांध का लेवल 11 सेन्टीमीटर बढ़ा। वहीं 29 को 6 व 30 को 4 सेन्टीमीटर पानी बढ़ा। इसी तरह 10 जुलाई को बांध में पानी की सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर आवक हुई।
इनका कहना है
आमतौर पर मानसून की पहली कुछ बारिश में पानी कैचमेन्ट एरिया से नहीं पहुंच पाता है। क्योंकि जमीन भी पानी सोखती है। रास्ते में भी काफी जगह पानी रुकता है। लेकिन इस बार मानसून की शुरूआती बारिश का काम बिपरजॉय के कारण हुई बारिश में हो गया। इसके चलते मानसून की पहली बारिश से ही बांध में अच्छी आवक हो रही है।
राजीव सुगोत्रा, अधीक्षण अभियंता जलदाय विभाग