
आनासागर झील में अठखेलियां करते विदेशी पक्षी।
अजमेर.
बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए खुशखबर है। राजस्थान पत्रिका की ओर से चौथे बर्ड फेयर का आयोजन 17 जनवरी से किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में लोग पक्षियों की आनसागर झील में अठखेलियों देख सकेंगे तो झील के आसमान में इनकी परवाज भी रोमांचित कर देगी।
राजस्थान पत्रिका की ओर से एक बार फिर शहरवासियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों के लिए बर्ड फेयर का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें लोग आनासागर बारादरी, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के सामने स्थित चौपाटी, सागर विहार पाल, गौरव पथ पर नवनिर्मित पाथ-वे और पुरानी विश्राम स्थली से प्रवासी पक्षियों की उड़ान, झुंड में झील में पहुंचने, जल क्रीड़ा और पानी में मछलियां, भोजन तलाशने जैसी गतिविधियां देख सकेंगे। पक्षियों के जानकार और नियमित बर्ड वॉचिंग करने वाले विशेषज्ञ इनकी प्रजाति, रंग रूप, व्यवहार और गतिविधियों की जानकारी भी देंगे।
पक्षियों की दुनिया है अनूठी
प्रवासी पक्षियों की दुनिया भी अनूठी है। इन्हें न किसी पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है और न ही किसी वीजा की आवश्यकता होती है। यह किसी देश की सीमाओं के बंधन में भी नहीं रहते। आनासागर झील में कई वर्षों से प्रवासी पक्षी आ रहे हैं।
यहां मुख्यत मध्य एशिया, यूरोप, रूस, चीन, तिब्बत, अफगानिस्तान, हिमाचल प्रदेश, बर्मा, नेपाल, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य प्रांतों से पक्षी आते हैं।
पक्षियों के बारे में बताएंगे विशेषज्ञ
आनासागर झील में मुख्यत कॉर्मोरेंट्र, ग्रे हेरोन, पेलिकन्स, मैलार्ड, कॉमन टील, रफ, किंगफिशर, स्पून बिल, स्पॉट बिल्ड डक, नॉर्दन शॉवलर सहित 50 से अधिक प्रजातियों के देशी व प्रवासी पक्षी आते हैं।
विशेषज्ञ पक्षियों के आहार-विहार, प्रकृति, इनके विभिन्न वातावरण में रहने से जुड़ी जानकारियां देंगे। फेयर के दौरान दूरबीन से पक्षियों को देखा जा सकेगा। शहरवासी स्वयं भी दूरबीन ला सकेंगे। अपने साथ दूरबीन लाने से शहरवासी पक्षियों की गतिविधियों को आसानी से काफी देर तक देख सकेंगे।
कार्यक्रम : एक नजर
पहला दिन : 17 जनवरी
सुबह 10 बजे : आनासागर बारादरी पर उद्घाटन समारोह, ड्राइंग प्रतियोगिता एवं फोटो प्रदर्शनी
शाम 4 बजे : आनासागर झील सागर विहार पाल पर बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम
दूसरा दिन : 18 जनवरी
सुबह 10 बजे : आनासागर झील किनारे एसटीपी के पास बर्ड वॉचिंग।
दोपहर 12 बजे : मदस विश्वविद्यालय में पर्यावरण विभाग की ओर से संगोष्ठी।
अपराह्न 4 बजे : आनासागर झील किनारे गौरव पथ चौपाटी पर टॉक शो व संगोष्ठी।
तीसरा दिन : 19 जनवरी
सुबह 10 बजे : आनासागर झील विश्राम स्थली के पास बर्ड वॉचिंग व संगोष्ठी
अपराह्न 4 बजे : रीजनल कॉलेज के सामने चौपाटी पर समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह
Updated on:
16 Jan 2020, 3:38 PM IST
Published on:
16 Jan 2020, 3:33 PM IST
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