
rural development
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया नई शुरुआत करने जा रहा है। कॉलेज निकटवर्ती पांच गांवों को कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य उपकरण देने के अलावा तकनीकी सहायता में मदद करेगा। कॉलेज ने इसकी योजना तैयार कर ली है।
वर्ष 1996-97 में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज में आईटी, कंप्यूटर, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल और अन्य ब्रांच संचालित हैं। बीते 24 साल में हजारों विद्यार्थी यहां से बीई कर चुके हैं। कॉलेज कई साल से बड़ल्या और अन्य गांवों में कई कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। अब उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
गांव में सहायता की योजना
कॉलेज प्रशासन ने बड़ल्या, पालरा, माखुपुरा, सेंदरिया और अन्य गांव में सहायता की योजना बनाई है। कॉलेज अपने पुराने कंप्यूटर, माउस, की-प्रिंटर को दुरुस्त कर इन गांवों को देगा। इनमें पंचायत और स्कूल शामिल होंगे। पर्याप्त बजट की उपलब्धता होने पर नए उपकरण भी दिए जाएंगे।
करेगा तकनीकी प्रोग्राम भी तैयार
कॉलेज प्रशासन ने गांवों मं तकनीकी सहायता मुहैया कराने की योजना भी बनाई है। कॉलेज ग्रामीणों की मदद के लिए मोबाइल एप और छोटे-बड़े कार्यों के लिए तकनीकी प्रोग्राम भी तैयार करेगा। खासतौर पर बीई अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। कोरोना संक्रमण के बाद स्थिति सामान्य होने पर इसकी शुरुआत होगी।
यह होगा फायदा
-गांवों तक त्वरित पहुंचेगी तकनीकी सहायता
-कॉलेज और ग्रामीणों के बीच संवाद में आसानी
- स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को मिलेगा कंप्यूटर ज्ञान
-मोबाइल एप से जरूरी कामकाज में होगी आसानी
कॉलेज ने पांच गांवों को गोद लिया है। इनमें तकनीकी उपकरण और सहायता मुहैया कराई जाएगी। गांवों को तकनीकी विकास में आगे बढऩे का अवसर मिलेगा।
डॉ. उमाशंकर मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या
दिन में तीखी धूप, सुबह-शाम होने लगी ठंडक
अजमेर. अक्टूबर में मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन में तीखी धूप और सुबह-शाम हल्की ठंडक रहने लगी है। बुधवार को भी मौसम कमोबेश ऐसा ही बना रहा। अधिकतम तापमान 36.1 और न्यूनतम 19.6 डिग्री रहा। इस साल के मानसून की विदाई के साथ मौसम में बदलाव हो रहा है। बुधवार को दिनभर धूप में तीखापन महसूस हुआ। सुबह और देर शाम हल्की ठंडक बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार इस बार कड़ाके की सर्दी पडऩे के आसार हैं। नवंबर से मार्च तक सर्दी का असर बना रह सकता है।
Published on:
07 Oct 2020 07:32 pm
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