
कलक्टर व अधिकारियों के सामने पहनाई इन्होंने वरमाला
अजमेर. परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवाचार कर प्रथम पुरुष नसबंदी सम्मेलन (एनएसवी) का आयोजन किया गया। पुरुष नसबंदी अपनाने वाले दम्पती की ओर से मंच पर वरमाला पहनाकर सम्मान किया। अब ये दम्पती संबंधित ब्लॉक में ब्रांड एम्बेसेडर का कार्य करते हुए पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे। सम्मानित जोड़ों की ओर से नसबंदी से जीवन में आए सुखद अनुभवों को साझा किया गया।
जवाहर रंगमंच में शनिवार को सम्मेलन की अध्यक्षता जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक केस प्रेरित करने वाले सरकारी व गैर सरकारी कोई भी व्यक्तिविशेष की ओर से 50 अथवा अधिक पुरुष नसबंदी प्रेरित करने वाले को बाइक एवं 35 अथवा इससे अधिक पुरुष नसबंदी प्रेरित करने वाले तीन प्रेरकों को मोपेड तथा 25 से अधिक पुरुष नसबंदी केस प्रेरित करने वाले 8 प्रेरकों को से एलईडी टीवी दिए जाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में पुरुष नसबंदी अपनाए हुए दम्पतियों का वरमाला कार्यक्रम हुआ। पुरुष का साफ ा बांधकर एवं महिला को शॉल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में डीएफओ सुदीप कौर, स्वायत्त शासन विभाग की उप निदेशक अनुपमा टेलर, कोषाधिकारी नेहा शर्मा, सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिकता विभाग के उप निदेशक जितेन्द्र शर्मा मौजूद रहे। एसडीएम अर्तिका शुक्ला ने कहा कि भारत को 2022 तक कुपोषण मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जेएलएन अस्पताल के सहायक आचार्य महेन्द्र निमेल ने शिशु स्वास्थ्य पर विचार रखे। संचालन अति. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सम्पत सिंह जोधा एवं वर्तिका शर्मा ने किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोनी ने आभार जताया।
इन्हें भी किया पुरस्कृतपोषण अभियान में 13 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, दो आशा सहयोगिनी, 3 चिकित्सा अधिकारी/नर्सिंग स्टाफ, 12 आशा सहयोगिनी, अंतरा इंजेक्टेबल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 चिकित्सा संस्थान सहित अन्य को पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया।
Published on:
11 Jan 2020 11:52 pm
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