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…लो आ गई तनख्वाह,दस-पन्द्रह हजार से चलाओ काम

नोटबंदी के बाद राज्य और केन्द्रीय कर्मचारियों का पहला गुरुवार को वेतन खातों में जमा तो हो गया। फिर भी चाही गई राशि नहीं मिली। नकदी की समस्या से जूझ रहे बैंकों से सीमित राशि ही निकाली जा सकी। इसके अलावा पेंशनर्स को भी लंबी लाइन में लगने के बाद दो से पांच हजार रुपए से ही संतोष करना पड़ा।

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raktim tiwari

Dec 02, 2016

नोटबंदी के बाद राज्य और केन्द्रीय कर्मचारियों का पहला गुरुवार को वेतन खातों में जमा तो हो गया। फिर भी चाही गई राशि नहीं मिली। नकदी की समस्या से जूझ रहे बैंकों से सीमित राशि ही निकाली जा सकी। इसके अलावा पेंशनर्स को भी लंबी लाइन में लगने के बाद दो से पांच हजार रुपए से ही संतोष करना पड़ा।

सरकारी कर्मचारियों को नोटबंदी के बाद पहले वेतन भुगतान के दिन भीड़भाड़ की आशंका को देखते हुए कई बैंकों ने उनके लिए अलग काउंटर खोले। जिन बैंकों में कर्मचारियों के वेतन खाते थे वहां सुबह से ही कर्मचारियों की लाइन लग गई।

उनके लिए बैंकों में विशेष व्यवस्था की गई। कुछ बैंकों में कर्मचारियों को 10 हजार रुपए मिले तो कुछ बैंकों में पूर्व निर्धारित 24 हजार रुपए निकालने की सुविधा दी गई। अधिकतर बैंकों में अलग काउंटर लगने से कर्मचारियों सहित अन्य लोगों को भी राहत मिली।

पेंशनर्स को मिली कम राशि

बैकों ने जहां सरकारी कार्मिकों को राशि निकालने में उदारता बरती वहीं कुछ बैंकों में पेंशनर्स को राशि बांटने में कंजूसी बरती गई। लाइन में इंतजार के बाद पेंशनर्स को दो से पांच हजार रुपए से ही संतोष करना पड़ा। रिजर्व बैंक की ओर से नकदी आपूर्ति में निरंतरता नहीं होने की वजह से कुछ बैंकों में ग्राहको को खाते से राशि निकालने में समस्या का सामना करना पड़ा।

गगवाना में रही अफरा तफरी

गगवाना स्थित यूनियन बैंक की शाखा में बुजुर्ग पेंशनर्स को लंबा इंतजार करना पड़ा। इस बैंक के बाहर सुबह होते ही नकदी निकालने वालों की लंबी लाइन लग गई। अव्यवस्थाओं और अफरा तफरी के बीच बैंक प्रशासन ने निकटवर्ती पुलिस स्टेशन से पुलिस कर्मियों को बुलाया। पुलिस के जवानों ने आते ही स्थिति संभाली और पेंशनर्स सहित महिला व पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाई।

एटीएम होते रहे खाली

अधिकांश एटीएम में राशि होने के कारण वहां सुबह से ही लाइन लग गई। हालांकि धीरे धीरे यह लाइन कम होती गई। शहर के अधिकांश एटीएम पर सुबह से दोपहर तक राशि उपलब्ध थी। दोपहर बाद राशि खत्म होने के बाद लोगों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक चक्कर लगाने पड़े।

इनका कहना है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से नकदी की आपूर्ति लगातार हो रही है। हालांकि कुछ बैंकों में अब भी नकदी की समस्या है। जल्द ही इसका निराकरण हो जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए विशेष व्यवस्था की गई इस वजह से किसी को परेशानी नही हुई।

आर. के. जांगिड़, लीड बैंक मैनेजर

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