
fake ration card
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदेशभर तैयार किए गए डिजिटाइज्ड राशन कार्ड में जमकर फर्जीवाडा हुआ है। इसे विभाग की लापरवाही कहो या फिर लोगों की कारस्तानी जून 2016 तक प्रदेशभर में की गई जांच में 13,06,422 फर्जी राशन कार्ड बनाने के मामले सामने आए। इनमें सर्वाधिक फर्जी राशन कार्ड उदयपुर में पाए गए।
वहीं सर्वाधिक फर्जी राशन कार्ड के मामले में जोधपुर, चित्तौडग़ढ़, भरतपुर व गंगानगर प्रदेश के टॉप 5 जिले हैं। हालांकि विभाग की ओर से कार्रवाई कर प्रदेशभर में बड़ी संख्या में फर्जी राशनकार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की गई है, लेकिन अभी भी प्रदेशभर में करीब दो लाख फर्जी राशन कार्डों को निरस्त करना बाकी है।
इस कारण बने फर्जी राशन कार्ड
-आवेदकों द्वारा अलग-अलग स्थानों के प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अलग-अलग राशनकार्ड बनवा लिए
- सेवाप्रदाता फ र्म द्वारा आवेदक के डेटा की पुन: प्रविष्टी कर देना
- आवेदक द्वारा शुल्क जमा कराकर राशनकार्ड में संशोधन करवाया जाना
- राशनकार्ड का उपयोग प्राय: निवास स्थान के प्रमाण पत्र के रूप में भी किया जाता है। इसलिए आवेदक द्वारा अलग-अलग स्थानों से भी राशनकार्ड बना लिए जाते हैं।सर्वाधिक फर्जी राशन कार्ड वाले 5 जिले
जिला फर्जी राशन कार्ड निरस्त राशन कार्ड
उदयपुर 2,83,710 1,36,635
चित्तौडग़ढ़ 1,53,847 56,012
भरतपुर 47,322 30,855
गंगानगर 43,603 19,085
जोधपुर 38,923 32,300
इतने फर्जी राशन कार्ड बने
13,06,422 - फर्जी राशन कार्ड प्रदेश में पाए गए
11,06,805- फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए
1,99,617- फर्जी राशन कार्डों को निरस्त करना बाकी है
38,923 - फर्जी राशन कार्ड बने जोधपुर में
2,83,710- सर्वाधिक डुप्लीकेट राशन कार्ड उदयपुर में बने
जिले में डुप्लीकेट व डबल राशन कार्ड के काफी मामले सामने आए हैं। हम ऐसे राशन कार्ड्स के बारे में अच्छी तरह से वेरीफाई कर के निरस्त करने की कार्रवाई करते हैं। अब तक ऐसे काफी राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं।
- भंवर सिंह सांदू, जिला रसद अधिकारी, जोधपुर
Published on:
29 Aug 2016 04:04 pm
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