
राजस्थान के इस कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ने सरेआम की फायरिंग, इतने लोगों को बनाया निशाना
अजमेर/ भरतपुर. नदबई क्षेत्र के गांव हंतरा में शनिवार को दस हजार रुपए इनामी हिस्ट्रीशीटर वरुण चौधरी ने देशी कट्टे से फायरिंग कर दी। इससे उपसरपंच पक्ष के तीन लोग घायल हो गए। वहीं हिस्ट्रीशीटर व उसका एक साथी भी झगड़े में घायल हो गए हैं। गम्भीर रूप से घायल पांचों लोगों को जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन को जयपुर रैफर कर दिया।
हिस्ट्रीशीटर वरुण भरतपुर के ही निजी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने आशंका जताई है कि पेंगोर निवासी हाल श्यामनगर हिस्ट्रीशीटर वरुण को सरपंच पक्ष ने उपसरपंच पक्ष पर हमला करने की सुपारी दी थी। हिस्ट्रीशीटर पर अजमेर के अलवर गेट थाने में हत्या का मामला दर्ज है।
पेशी पर आ रहे थे भरतपुर
हंतरा गांव निवासी दिनेश सरपंच और बृजेश उपसरपंच और उनके परिजन में लंबे समय से रंजिश है। दोनों पक्षों में पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी है। दोनों पक्षों का मारपीट का मुकदमा भरतपुर न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले की शनिवार को न्यायालय में तारीख थी और बृजेश अपने भाई कौशलेन्द्र और पिता अनूप ङ्क्षसह सहित जीतू पुत्र घनश्याम व हरेन्द्र पुत्र मोहन लाल के साथ कार से भरतपुर जा रहा था।
बृजेश पक्ष का आरोप है कि गांव की पुलिया पर आते ही उनकी कार के सामने बदमाशों ने अपनी कार लगा दी। कार में उतर कर चार बदमाश फायरिंग करने लगे। फायरिंग में बृजेश, भाई कौशलेन्द्र और पिता अनूप ङ्क्षसह घायल हो गए। इस दौरान बदमाशों के साथ हाथापाई हो गई, जिसमें हिस्ट्रीशीटर वरुण चौधरी व उसका साथी राघवेन्द्र भी घायल हो गए।
रामकेश मीणा हत्याकांड में है वांटेड वरुण चौधरी रामकेश मीणा हत्याकांड में वांटेड है। वरुण अजमेर में हिस्ट्रीशीटर धर्मेन्द्र चौधरी व भू माफिया विक्रम शर्मा के बीच चली आ रही गैंगवार में मारे गए धर्मेन्द्र चौधरी का भतीजा है।
मास्टर माइंड था वरुण अजमेर में हिस्ट्रीशीटर धर्मेन्द्र चौधरी व भू-माफिया विक्रम शर्मा के बीच चली आ रही गैंगवार में 10 नवम्बर 2016 को रामकेश के साथी संजय मीणा ने पटेल स्टेडियम के सामने धर्मेन्द्र चौधरी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। अपने चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए वरुण ने 31 जनवरी 2017 को श्रीनगर रोड बालाजी मंदिर के सामने संजय के दोस्त रामकेश मीणा की हत्या कर दी।
पुलिस ने रामकेश मीणा हत्याकांड में धर्मेन्द्र चौधरी के बड़े भाई राजेश कुमार, गोपाल प्रजापति, जीतराम उर्फ जीतू, रामस्वरूप उर्फ गजनी, सुरेन्द्र, मनीष जोगी उर्फ मोनू, बबलू सिंह को गिरफ्तार कर किया था। मनीष व बबलू को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया, लेकिन हत्या का मास्टर माइंड वरुण पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
हथियार सहित पकड़े गए थे गुर्गे
वरुण के पांच गुर्गे अजमेर में हत्या व डकैती की साजिश करने पहुंचे थे लेकिन पुलिस की सजगता से इन्हें हथियारों समेत पकड़ लिया था। आरोपित हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा के ***** रजत मीणा की हत्या के इरादे से अजमेर में डेरा डाले थे। इन्हें पुलिस ने 30 सितम्बर 2017 जेपी नगर स्थित एक मकान से गिरफ्तार कर लिया था।
रामकेश मीणा हत्याकांड में पुलिस अब तक 17 गुर्गों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के खिलाफ पांच अलग अलग मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चार अलवर गेट थाने और एक क्लाक टावर थाने में मामला दर्ज है।
Updated on:
22 Jul 2018 12:08 pm
Published on:
22 Jul 2018 02:00 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
