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मदनगंज-किशनगढ़।प्रदेश के अधिकांश जिलों के सरकारी अस्पतालों में जन्म-मृत्यु का पंजीयन कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे चिह्नित किए गए अस्पतालों में जयपुर राजधानी के प्रथम और द्वितीय हॉस्पिटल के साथ अजमेर जिले के केकड़ी और सैटेलाइट हॉस्पिटल को शामिल किया गया है। यह चिकित्सा संस्थान जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी नहीं कर रहे है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे चिकित्सा संस्थानों को फटकार लगाई है और जल्द ही संस्थानों में जन्म-मृत्यु पंजीयन कार्य शुरू करने की हिदायत दी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में अधिसूचित किए गए सभी चिकित्सालयों में जन्म-मृत्यु कार्य शुरू करने के आदेश दिए थे लेकिन अभी तक प्रदेश मेंं अधिसूचित किए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व बड़े चिकित्सालयों पर नियुक्त किए गए उप रजिस्ट्रारों ने पंजीयन कार्य शुरू नहीं किया। इस पर वर्ष 2013 में भी चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक जन्म मृत्यु पंजीयन कार्य शुरू नहीं करने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के अतिरिक्त निदेशक (ग्रा. स्वा.) डॉ. सुनील सिंह ने 56 चिकित्सा संस्थानों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों एवं 14 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को फटकार लगाई है।
दी सख्त हिदायत
इन चिह्नित चिकित्सा संस्थानों के पीएमओ और सीएमएचओ को तत्काल जन्म मृत्यु पंजीयन कार्य शुरू करने की चेतावनी दी है। साथ ही जहां पंजीयन कार्य शुरू हो चुका है या हो रहा है उसकी सूची सीधे मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म मृत्यु) को भिजवाते हुए मुख्यालय को सूचित भी करना होगा। साथ ही भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने जन्म-मृत्यु की कोई भी संस्थागत घटना रजिस्ट्रेशन से नहंी छूटे। इसके लिए सभी चिकित्सा संस्थानों का डाटा बेस बनाने और इस पंजीयन कार्य की प्रभावी ढंग से माॉनिटरिंग करने के लिए भी कहा गया है।
इन्होंने नहीं किया काम
जन्म-मृत्यु का पंजीयन अब तक कार्य शुरू नहीं करने वाले शहरी क्षेत्र के 56 चिकित्सा संस्थानों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों एवं ग्रामीण क्षेत्र के जयपुर प्रथम व द्वितीय के साथ प्रदेश के 14 सीएमएचओ को हिदायत दी गई है। शहरी क्षेत्र के संस्थानों में अजमेर जिले का केकड़ी और सैटेलाइट हॉस्पिटल भी शामिल है।
कालीचरण
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