7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजमेर

फॉयसागर से सैकड़ों गैलन पानी का रिसाव, चैनल गेट की दीवार हुई क्षतिग्रस्त

- चैनल गेट पर सुरक्षा के नहीं इंतजाम, बच्चे बेखौफ नहा रहे बीते दो माह में बिपरजॉय व मानसूनी बारिश से भूजल स्तर बढ़ने के साथ ही प्रमुख तालाबों व झीलों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कई झीलें ओवरफ्लो हैं वहीं कुछ की चादरें भी चलीं।

Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Aug 14, 2023

दिलीप शर्मा

अजमेर. बीते दो माह में बिपरजॉय व मानसूनी बारिश से भूजल स्तर बढ़ने के साथ ही प्रमुख तालाबों व झीलों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कई झीलें ओवरफ्लो हैं वहीं कुछ की चादरें भी चलीं। हालांकि पिछले एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने से राहत है। पत्रिका टीम ने झीलों व अन्य पर्यटन स्थलों व सार्वजनिक पार्कों के मुआयना किया तोकई जगह सुरक्षा की अनदेखी, पार्क की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं उचित ढंग से नहीं पाई गईं। अभी मानसून का दौर कम से कम एक माह और रहेगा। ऐसे में इन झील तालाबों में जलस्तर बढ़ता है तो आबादी क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।

फॉयसागर झील में 26 फीट पानीफॉयसागर झील इस समय भराव क्षमता पर है। करीब 26 फीट पानी भरा है, हालांकि पिछले एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने से झील की चादर नहीं चल रही है, लेकिन यहां पाल के चैनल गेट की दीवार कई जगह क्षतिग्रस्त है। इसमें कई जगह रिसाव हो रहा है। यहां से पानी का निकास निरंतर जारी है। यह पानी डिफेंस कॉलोनी के मकानों को प्रभावित करते हुए बांडी नदी के रास्ते आनासागर झील में पहुंच रहा है।

आनासागर झील से भी डिस्चार्ज जारी

प्रशासन ने आनासागर झील को ओवरफ्लो होने से बचाने के लिए चैनल गेट खोल रखे हैं, जिससे यह पानी एस्कैप चैनल के रास्ते खानपुरा तालाब पहुंच रहा है। इससे तोपदड़ा से लेकर पालबीसला, गुर्जर धरती, नगरा, सुभाष नगर क्षेत्र में एस्कैप चैनल से जुड़े आवास प्रभावित हो रहे हैं। कई मकानों में दरारें आ गई हैं। सुंदर विलास क्षेत्र में एक मकान धराशायी भी हो चुका है।फॉयसागर झील पर सुरक्षा इंतजाम नहीं

फॉयसागर झील पिछले 28 साल बाद ओवरफ्लो हुई है। इसके चारों ओर कई किनारों पर पानी की गहराई अधिक है। ऐसे में यहां खतरा है। हालांकि कुछ दिन लोगों की आवाजाही रोकी भी गई, लेकिन फिलहाल यहां पार्क में लोगों का प्रवेश शुरू हो गया है। कई बार पाल की दूरी लंबी होने के कारण लोग पानी को देखते देखते दूर तक निकल जाते हैं। ऐसे में फोटो खिंचवाने या सेल्फी लेने के दौरान हादसे की आशंका भी बनी रहती है।

तकनीकी जानकारों का कहना है कि झील के भराव के चलते यहां पर्याप्त सुरक्षा व इसकी दीवार की मरम्मत करने की दरकार है, अन्यथा यहां से पानी ओवरफ़्लो से आनासागर तक पहुंचता है तो शहर प्रभावित हो सकता है।