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VIDEO-राज्य की सबसे सुरक्षित जेल में हार्डकोर कैदियों की भूख हड़ताल, उड़े सरकार और पुलिस के होश

मेडिकल मुआयने के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने किया हार्डकोर कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण।

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raktim tiwari

Mar 03, 2017

hunger stike start in high security jail ajmer 2017

hunger stike start in high security jail ajmer 2017

घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में तीसरे दिन भी हार्डकोर बंदी भूख हड़ताल पर रहे। जेल प्रशासन ने समझाइश का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे।

चिकित्सकों की टीम ने मेडिकल कर छह हार्डकोर को अस्पताल में भर्ती कराने की सिफारिश की। उन्हें सुरक्षा घेरे में अस्पताल भी लाया गया लेकिन उन्होंने उपचार लेने से इन्कार कर दिया।

जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मेडिकल ज्युरिस्ट डॉ. वी.डी. बीजावत, डॉ. अजयशंकर व लैब तकनीशियन की टीम ने भूख हड़ताल पर बैठे हार्डकोर बंदियों का मेडिकल जांच की।

टीम ने बंदियों के गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर पवन राठी, मनीष सैनी, सुनील, महेन्द्र वर्मा, अशोक यादव व मांगीलाल को अस्पताल में भर्ती करवाने की रिपोर्ट दी।

पुलिस के भारी जाब्ते के साथ पवन राठी, महेन्द्र, मांगीलाल, मनीष और सुनील को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लेकर आया। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार लेने से इन्कार कर दिया। जांच के बाद उन्हें वापस हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया।

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बंदियों ने लगाए नारे

यहां अस्पताल लाए गए बंदियों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाए। उन्होंने मांगें नहीं मानने तक अनशन जारी रखने की बात कही। जेल ले जाने के दौरान पुलिस बस में बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुई नारेबाजी से पुलिसकर्मियों में हड़कम्प मच गया।

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मरते दम तक नहीं लेंगे इलाज

यहां अस्पताल लाए गए मांगीलाल ने बताया कि उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल में बेवजह रखा गया है। यहां हर व्यक्ति की अपनी समस्या है।

जिनके खिलाफ गैंगवार या गंभीर अपराध नहीं है उन्हें भी हार्डकोर की तर्ज पर रखा जा रहा है। वे सात दिन से भूख हड़ताल पर हैं।

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तबीयत बिगडऩे पर जेल प्रशासन उनको इलाज की पहल की लेकिन जब तक मांगें नहीं मानी जाती है तब तक वे न तो खाना खाएंगे न ही इलाज लेंगे।

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