
School Van चलाते है तो चैक करा ले अपनी आंखे, आंखें कमजोर तो नहीं चला सकेंगे बालवाहिनी
अजमेर. बालवाहिनी के नियमों की पालना अब सख्ती से होगी। चालक, सहचालक के पास कम से कम 5 वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस, विद्यालय का फोटो पहचान-पत्र, खाकी वर्दी, परिवहन विभाग का बैज के साथ बालवाहिनी पर स्कूल का नाम, पता, दूरभाष संख्या, चालक का नाम व मोबाइल नम्बर अंकित कराने के साथ आंखों की जांच कराना अनिवार्य होगा। यह काम 14 जुलाई तक स्कूली संस्थाओं को पूरा करना होगा। यह निर्णय बुधवार सुबह पुलिस लाइन सभागार में बालवाहिनी संयोजन समिति की बैठक में लिया।
बैठक में एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बालवाहिनी के संचालन से जुड़े विभागों, बस, वैन, ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई तक सभी शिक्षण संस्थाओं को बालवाहिनी के नियमों को पूरा करना होगा। बालवाहिनी वाहनों के फिटनेस के दस्तावेज अनिवार्य है।
वाहन संचालन में चालक, कंडक्टर या सहायक निर्धारित वर्दी में हो। वाहन चालक का लाइसेंस कम से कम 5 वर्ष पुराना परिवहन श्रेणी का होना चाहिए। वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशमन यंत्र अवश्य रखा जाए। बैठक में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण, शिक्षा, चिकित्सा विभाग व बस, वैन व ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अर्जुन सिंह राठौड़ ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं को वाहन चालकों की नेत्र जांच आवश्यक रूप से सप्ताह के अंत तक करानी होगी। आंखों की जांच में अनफिट वाहन चालकों को बालवाहिनी का संचालन नहीं कराया जाएगा।
यह भी करना होगा
एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि शिक्षण संस्था की ओर से विद्यार्थियों के वाहन में चढ़ाने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान, स्कूल के बाहर सडक़ पर देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने, शिक्षण संस्था के वाहनों में जीपीएस, सडक़ सुरक्षा क्लब का गठन, वाहनों का रजिस्ट्रेशन, चालकों का रिकॉर्ड, अभिभावकों की शिकायत पंजिका का संधारण निर्धारित प्रारूप में कराने की व्यवस्था की जाएगी।
Published on:
11 Jul 2019 11:05 am
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