28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

School Van चलाते है तो चैक करा ले अपनी आंखे, कमजोर हुई तो नहीं चला सकेंगे बालवाहिनी

बालवाहिनी के नियमों की पालना होगी सख्ती  

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Amit Kakra

Jul 11, 2019

if person have problem in eyes he will not be drive school van ajmer

School Van चलाते है तो चैक करा ले अपनी आंखे, आंखें कमजोर तो नहीं चला सकेंगे बालवाहिनी

अजमेर. बालवाहिनी के नियमों की पालना अब सख्ती से होगी। चालक, सहचालक के पास कम से कम 5 वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस, विद्यालय का फोटो पहचान-पत्र, खाकी वर्दी, परिवहन विभाग का बैज के साथ बालवाहिनी पर स्कूल का नाम, पता, दूरभाष संख्या, चालक का नाम व मोबाइल नम्बर अंकित कराने के साथ आंखों की जांच कराना अनिवार्य होगा। यह काम 14 जुलाई तक स्कूली संस्थाओं को पूरा करना होगा। यह निर्णय बुधवार सुबह पुलिस लाइन सभागार में बालवाहिनी संयोजन समिति की बैठक में लिया।

Read More- CBSE: 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के पंजीयन जल्द

बैठक में एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बालवाहिनी के संचालन से जुड़े विभागों, बस, वैन, ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई तक सभी शिक्षण संस्थाओं को बालवाहिनी के नियमों को पूरा करना होगा। बालवाहिनी वाहनों के फिटनेस के दस्तावेज अनिवार्य है।
वाहन संचालन में चालक, कंडक्टर या सहायक निर्धारित वर्दी में हो। वाहन चालक का लाइसेंस कम से कम 5 वर्ष पुराना परिवहन श्रेणी का होना चाहिए। वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशमन यंत्र अवश्य रखा जाए। बैठक में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण, शिक्षा, चिकित्सा विभाग व बस, वैन व ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद थे।

प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अर्जुन सिंह राठौड़ ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं को वाहन चालकों की नेत्र जांच आवश्यक रूप से सप्ताह के अंत तक करानी होगी। आंखों की जांच में अनफिट वाहन चालकों को बालवाहिनी का संचालन नहीं कराया जाएगा।

Read More- पुलिस अधिकारी को फोन कर खाते से उड़ाए 70 हजार, कई महीनों बाद दर्ज हुआ मुकदमा

यह भी करना होगा

एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि शिक्षण संस्था की ओर से विद्यार्थियों के वाहन में चढ़ाने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान, स्कूल के बाहर सडक़ पर देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने, शिक्षण संस्था के वाहनों में जीपीएस, सडक़ सुरक्षा क्लब का गठन, वाहनों का रजिस्ट्रेशन, चालकों का रिकॉर्ड, अभिभावकों की शिकायत पंजिका का संधारण निर्धारित प्रारूप में कराने की व्यवस्था की जाएगी।