29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बकाया श्रम उपकर जमा नहीं कराया तो खैर नहीं

श्रम विभाग कर रहा निर्माण कार्यों का सर्वे, 150 तक पहुंची नोटिस की संख्या
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

dinesh sharma

•

Updated: 24 Apr 2019, 11:04 PM IST

If tax is not deposited then trouble

बकाया श्रम उपकर जमा नहीं कराया तो खैर नहीं

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

श्रम विभाग की ओर से उपखंड क्षेत्र में निर्माण कार्यों के सर्वे का कार्य जारी है। विभाग की ओर से अब तक श्रम उपकर के लिए लगभग 150 निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिया जा चुका है। इन निर्माणकर्ताओं को अब अपना बकाया श्रम उपकर जमा कराना ही होगा। वर्ना उन पर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरेगी।

श्रम विभाग ने निर्माणकर्ताओं से श्रम उपकर


वसूलने के लिए नोटिस दिया है। इसके लिए लगभग 150 निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिए गए है जिन्हे श्रम उपकर जमा कराना होगा। पिछले वित्तीय वर्ष में भू राजस्व अधिनियम के अंतर्गत श्रम विभाग को नगरपरिषद से लगभग 92 लाख रुपए स्थानांतरित हुए है।

इन निर्माणकर्ताओं में से कई नगरपरिषद सीमा से बाहर है। वहीं कई निर्माणकर्ताओं ने स्वीकृत निर्माण से अधिक निर्माण कर लिया है। इस कारण श्रम विभाग ने लागत का मूल्यांकन करने के लिए भी नोटिस दिया है। अजमेर जिले में लगभग १५ करोड़ रुपए श्रमउपकर वसूलने का लक्ष्य है।

वर्ष 2009 से लागू

श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए राशि एकत्रित करने के लिए वर्ष 2009 से यह श्रम उपकर लागू है। राज्य में हर साल सैंकड़ों करोड़ रुपए श्रम उपकर से राशि एकत्रित होती है और इसी से श्रम कल्याण की योजनाएं संचालित होती है।

श्रमिकों के साथ ही मनरेगा में एक साल में 90 दिन कार्य कर चुके श्रमिक को भी इन योजनाओं का लाभ मिलता है। इसके लिए पंजीयन करवाना अनिवार्य होता है।

नहीं मिलती है रियायत


इस श्रम उपकर की विशेष बात यह है कि यह कभी भी समाप्त नहीं होता है औ समय के साथ इसमे रियायत भी नहीं मिलती है बल्कि 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ता है। दस लाख से अधिक आवासीय निर्माण पर लागत का 1 प्रतिशत और व्यावसायिक निर्माण पर 1 प्रतिशत श्रम उपकर लगता है।

चलती है विभिन्न योजनाएं


श्रम विभाग की ओर से जमा हुई श्रम उपकर की राशि से निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाएं चलाई जाती है। श्रमिक कल्याण मंडल की विभिन्न योजनाओं में प्रसूति सहायता, शिक्षा एवं कौशल विकास योजना, शुभ शक्ति योजना, सुलभ्य आवास योजना, दुर्घटना अथवा सामान्य मृत्यु की दशा में सहायता योजना है।

इसके साथ ही टूलकिट सहायता योजना, सिलिकोसिस पीडि़त सहायता योजना, जीवन एवं भविष्य योजना आदि शामिल है। इन योजनाओं से श्रमिकों और उनके परिवार की सहायता की जाती है।