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सीएम से ही करा दिया ब्रह्मा मंदिर में यह गलत काम, अब डिपार्टमेंट ने किया कठघरे में खड़ा

धार्मिकता की आड़ में केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से तय एक्ट की पूरी तरह से अवहेलना की गई।

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brahma temple entry plaza

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महावीर भटट्/पुष्कर।

तीर्थनगरी में ब्रह्मा मंदिर से लगे 10 बीघा बगीचेनुमा जमीन पर मुख्यमंत्री के हाथों 24 करोड़ की लागत से नियम विरुद्ध एन्ट्री प्लाजा निर्माण का शिलान्यास कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से किए गए इस शिलान्यास में धार्मिकता की आड़ में केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से तय एक्ट की पूरी तरह से अवहेलना की गई।

केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के निदेशक की ओर से पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग अलबर्ट हॉल जयपुर को लिखे पत्र में इस निर्माण कार्य को पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताया गया है तथा एन्ट्री प्लाजा निर्माण को लेकर दी गई अनुमति तुरन्त प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हंै।

ऐसे की गई नियमों की अवहेलना

महंत सोमपुरी के सड़क दुर्घटना में निधन होने के बाद मंदिर परिसर से लगे दस बीघा जमीन पर 24 करोड़ रुपए की लागत से विशाल एन्ट्री प्लाजा बनाने का तखमीना तैयार किया गया। लेकिन पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जा चुका है।

इसलिए कानूनी तौर पर संस्मारक परिसर के आसपास में किसी प्रकार का निर्माण व रद्दोबदल कराने से पूर्व केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अनुमति जरूरी है। जानकारी के अनुसार इस दस बीघा जमीन पर 24 करोड़ की लागत से एन्ट्री प्लाजा बनाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से केवल मरम्मत कराने का हवाला देते हुए अनुमति ले ली गई।

स्वीकृति के अनुसार दस बीघा के बगीचे में स्थित पुराने भवन व निर्माण की मरम्मत की जा सकती है लेकिन एन्ट्री प्लाजा बनाने के लिए संरक्षित संस्मारक के 100 मीटर के प्रतिषिद्ध क्षेत्र में पक्का निर्माण कराने की निविदाएं भी जारी कर दी गई।

पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के हाथों 10 अक्टूबर 2017 को प्रतिषिद्ध क्षेत्र में 24 करोड़ की लागत से एन्ट्री प्लाजा बनाने के लिए शिलान्यास भी करा डाला। संतों-महंतों का सम्मान करके सरकार की मुखिया के शिलान्यास समारोह को पूरी तरह से धार्मिक रंग दिया गया जबकि केन्द्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के एक्ट के अनुसार एक निर्माण पूरी तरह से गेैरकानूनी है।

ऐसे हुआ खुलासा

केन्द्रीय पुरातत्च सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद वी. एस. बडीगेर ने 29 अक्टूबर 2017 को ब्रह्मा मंदिर में एन्ट्री प्लाजा निर्माण का मौका देखा। उनके अनुसार मंदिर के प्रतिषिद्ध 100 मीटर के एरिया में किसी प्रकार का निर्माण व रद्दोबदल किया ही नहीं जा सकता और यदि किया जाता है तो वह पूरी तरह से गैर कानूनी है।

अधीक्षण पुरातत्वविद बडीगेर ने इस गैरकानूनी एन्ट्री प्लाजा निर्माण को लेकर 19 दिसम्बर 2017 को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग अलबर्ट हॉल जयपुर के सक्षम अधिकारी को पत्र लिखकर निर्माण को पूरी तरह से गैरकानूनी बताया है। पत्र में बडीगेर ने बगीचे में कराए जा रहे नए निर्माण को अनुमति की शर्तो के विरुद्घ बताया है तथा अनुमति के प्रार्थनापत्र का हवाला देते हुए यह जानकारी मांगी गई है कि कौनसे पुराने भवन के मरम्मत संरक्षण कार्य के लिए अनुमति मांगी गई थी। फोटो भी मांगी है ताकि यह पुख्ता किया जा सके कि बगीचे में कौनसा पुराना निर्माण था जिसकी मरम्मत की जाएगी।

राष्ट्रीय संस्मारक घोषित किए जा चुके पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर की 100 मीटर की परिधि में किसी प्रकार के नए निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इस प्रतिषिद्ध क्षेत्र में केवल पुराने भवन के मरम्मत नवीनीकरण व संरक्षण कार्य की अनुमति ही दी जा सकती है। इसके लिए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग अलबर्ट हॉल जयपुर को पत्र लिखकर अनुमति तुरन्त प्रभाव से र्दद करने के निर्देश दिए गए हैं। शर्तो व नियमों के विरुद्ध इसकी कार्रवाई की जा रही है।
- वी. एस. बडीगेर, अधीक्षण पुरातत्वविद जोधपुर