
free online courses
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
देश के विभिन्न संस्थानों के फ्री ऑनलाइन कोर्स ने एज्यूकेशन ट्रेंड को बदलना शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों को यह काफी पसंद आ रहे हैं। खासतौर पर नियमित और दाखिलों से वंचित विद्यार्थियों को इनसे मदद मिली है। न्यूनतम फीस देकर वे आसानी से पढ़ाई कर रहे हैं।
आईआईटी, आईआईएम और कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश से वंचित और नियमित विद्यार्थियों की सुविधार्थ स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (स्वयंम) पोर्टल लॉन्च किया गया है। विद्यार्थी 500 से 1500 रुपए न्यूनतम शुल्क देकर फ्री ऑनलाइन पढ़ाई कर हैं।
ये है ऑनलाइन कोर्स प्रोसेस: एफएक्यू
-पढऩे के लिए विद्यार्थी करा रहे ऑनलाइन पंजीयन
-500 से 1500 रुपए तक है फीस
-कोर्स पढऩे के बाद परीक्षाएं भी ऑनलाइन
-70 नंबर का पेपर, 30 नंबर की आंतरिक मूल्यांकन फाइल
ये कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध
बैंकिंग एन्ड इंश्योरेंस, इंग्लिश स्पोकन, सटिफिकेट इन एकाउंटिंग, ह्मयून रिसोर्स और रिटेल मैनेजमेंट, एनिमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सर्टिफिकेट इन एकाउन्टेंसी एन्ड टेक्सेशन और अन्य
हर साल बढ़ रहे रजिस्ट्रेशन
2017-48, 50 हजार
2018-1,50, 954
2019-2, 43,690
2020-3, 49, 890
2021-4,90, 575
(जनवरी से चालू दिसंबर तक)
किस संस्थान में कितने कोर्स
आईआईएम अहमदाबाद-8, आईआईटी रुड़की-50, आईआईटी चेन्नई-185, आईआईटी खडग़पुर-155, प्रयागराज यूनिवर्सिटी-5, आईआईटी मुंबई-85
राजस्थान के यूनिवर्सिटी हैं पीछे
राज्य में 28 सरकारी विश्वविद्यालय हैं। अधिकांश ने फ्री ऑनलाइन कोर्स शुरू नहीं किए हैं। विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुघखी फ्री ऑनलाइन कोर्स और परीक्षा देने जैसे विकल्प नहीं है। हालांकि ई-सिलेबस, ई-कंटेंट और ई-क्लासरूम जरूर प्रारंभ हुए हैं।
फ्री-ऑनलाइन कोर्स अब वक्त की डिमांड हैं। इससे विद्यार्थियों को जॉब ओरिएन्टेड और स्पेशल कोर्स में पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। खासतौर पर कोविड-19 में तो नौजवानों का रेस्पॉन्स अच्छा है। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को ई-डाटा बेस और ई-कोर्स बनाए जाने चाहिए।
प्रो. पी. सी. त्रिवेदी, कुलपति जेएनवी यूनिवर्सिटी जोधपुर
Published on:
16 Dec 2021 05:05 pm
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