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अब सिर्फ इतने दिन का लगेगा प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेला,आचार संहिता के कारण रद्द हुए कई कार्यक्रम

Pushkar Cattle Fair: पहले जहां पशुओं में फैली ग्लेण्डर, लंपी बीमारी के कारण तीन बार पुष्कर पशु मेला निरस्त कर दिया गया तो इस बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण अन्तर्राष्ट्रीय पशु मेले का स्वरूप छोटा कर 9 दिन का कर दिया गया है।

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पुष्कर. Pushkar Cattle Fair: पहले जहां पशुओं में फैली ग्लेण्डर, लंपी बीमारी के कारण तीन बार पुष्कर पशु मेला निरस्त कर दिया गया तो इस बार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण अन्तर्राष्ट्रीय पशु मेले का स्वरूप छोटा कर 9 दिन का कर दिया गया है।

पशुपालन विभाग व मेला सलाकार समिति ने मेले में किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम व पशु प्रतियोगिताएं रद्द कर दी हैं। पुष्कर पशु मेला 14 से 29 नवम्बर तक आयोजित होना था। पशुपालन विभाग की ओर से मेले की तैयारियां शुरू की गईं। मेला सलाहकार समिति की 4 सितम्बर को आयोजित बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इसी बीच विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण बैठक कर सरकारी स्तर पर मेले में की जाने वाली प्रतियोगिताएं, कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। प्रशासन का मानना है कि चुनाव के कारण मेले में लगने वाले सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों के लिए मतदान करना कठिन हो सकता है। इसके अलावा सांस्क़ृतिक कार्यक्रमों के दौरान किसी ने भी गाने, नृत्य व अन्य तरीके से सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार कर दिया तो आचार संहिता का उल्लंघन होने की संभावना रहेगी। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि पशु मेले की अवधि घटाकर कार्तिक शुक्ल एकम से अष्टमी तिथि यानी 14 से 20 नवम्बर कर मेला 9 दिन कम कर दिया गया है। इसमें 14 नवम्बर को झंडा चौकी, 15 को चौकियों की स्थापना, 16 को ध्वाजारोहण, 17 को सफेद चिठ्ठी, 18 को रवन्ना काटा जाएगा। इसी बीच 16 से 19 नवम्बर के बीच प्रतियोगिताएं होंगी। 20 नवम्बर को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ पशु मेले के समापन की घोषणा कर दी जाएगी।
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पहले तीन बार हुआ निरस्त
वर्ष 2017 में किशनगढ के पास पाटन में घोड़ों में ग्लेण्डर बीमारी पाए जाने, वर्ष 2021 में इसी ग्लेण्डर बीमारी के कारण सरकारी स्तर पर पशु मेला निरस्त किया गया। प्रदेश में पशुपालकों के विरोध व मांग के बाद सरकार ने हाट बाजार लगाया तथा अश्व पालकों के स्तर पर प्रतियोगिताएं की जा सकीं। वर्ष 2022 में लंपी बीमारी के कारण मेला निरस्त कर दिया गया।
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23 से 27 नवम्बर तक धार्मिक पुष्कर मेला
धार्मिक पुष्कर मेला कार्तिक शुक्ल प्रबोधिनी एकादशी तिथि के पहले पंचतीर्थ महास्नान के साथ 23 नवम्बर से शुरू होगा तथा कार्तिक पूर्णिमा के आखिरी महास्नान के साथ सम्पन्न होगा। इन पांच दिनों में श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इसी बीच 25 नवम्बर को विधानसभा चुनाव में मतदान भी होगा।