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आनासागर के किनारों पर फिर जलकुंभी, मंडराया खतरा

– नागपुर से 21 नवम्बर को आएगा पर्यावरण विशेषज्ञों का दल अजमेर. आनासागर झील में एक बार फिर जलकुंभी के पैर पसारने का खतरा बढ़ गया है। जलकुंभी अभी बांडी नदी, सागर विहार पाल के नजदीक व रामनगर के कुछ हिस्सों में नजर आ रही है। बांडी नदी के रास्ते भी झील में जलकुंभी पहुंच रही […]

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अजमेर

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Dilip Sharma

Nov 18, 2024

jal kumbhi

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- नागपुर से 21 नवम्बर को आएगा पर्यावरण विशेषज्ञों का दल

अजमेर. आनासागर झील में एक बार फिर जलकुंभी के पैर पसारने का खतरा बढ़ गया है। जलकुंभी अभी बांडी नदी, सागर विहार पाल के नजदीक व रामनगर के कुछ हिस्सों में नजर आ रही है। बांडी नदी के रास्ते भी झील में जलकुंभी पहुंच रही है। इसे लेकर निगम प्रशासन चिंतित है। निगम की टीमें झील को साफ रखने व जलकुंभी को हटाने के लिए जुट गई हैं। झील संरक्षण व जलकुंभी के स्थायी निदान के लिए नागपुर से एक टीम अगले सप्ताह अजमेर पहुंचेगी।

‘नीरी’ की टीम आएगीनिगम के अधीक्षण अभियंता व उद्यान प्रभारी मनोहर सोनगरा ने बताया कि झील संरक्षण के उपायों पर चर्चा के लिए नेशनल एनवॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट नागपुर (नीरी) की टीम आगामी 21 नवम्बर को अजमेर आएगी। टीम आनासागर झील में जलकुंभी के संभावित खतरे व इसके उद्गम के कारणों का पता लगाएगी। टीम झील में गिरने वाले गंदे पानी, एसटीपी से फिल्टर पानी के अनुपात आदि का विश्लेषण कर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंपेगी।

निगम प्रशासन ने की तैयारी

आनासागर झील में जलकुंभी नजर आने के साथ ही निगम प्रशासन चौकन्ना हो गया है। डिविडिंग मशीन झील में सफाई कर रही है। मालूम हो कि इसी साल जनवरी से अप्रेल माह तक झील में फैले जलकुंभी के जाल को निकालने में निगम प्रशासन को लाखों रुपए खर्च कर मशक्कत करनी पड़ी थी।