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Law College: तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स को मिली स्थायी मान्यता

इसके बाद कॉलेज को बार-बार मान्यता के लिए फीस देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स को मिली स्थायी मान्यता

तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स को मिली स्थायी मान्यता

लॉ कॉलेज (Law collge ajmer)में संचालित तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स को स्थायी मान्यता मिल गई है। डॉ. भीमराव अम्बेकर लॉ यूनिवर्सिटी ने सत्र 2022-23 से कोर्स को स्थायी मान्यता दी है। अब कॉलेज को हर साल फीस देकर अस्थायी सम्बद्धता लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राज्य में अजमेर सहित 14 जिलों में लॉ कॉलेज की स्थापना हुई थी। यह कॉलेज पिछले सत्र तक एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर, जयनारायण व्यास विवि जोधपुर, बीकानेर, कोटा, शेखावाटी और अन्य यूनिवर्सिटी के अधीन थे। इन्हें प्रतिवर्ष तीन वर्षीय एलएलबी, दो वर्षीय एलएलएम और डिप्लोमा कोर्स के लिए फीस देकर अस्थायी सम्बद्धता लेनी पड़ती थी।

इसी सत्र से मान्य

लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ. विभा शर्मा ने बताया कि तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स को डॉ. भीमराव अम्बेकर लॉ यूनिवर्सिटी से स्थायी मान्यता मिल गई है। यूनिवर्सिटी ने कॉलेज को पत्र जारी कर दिया। यह सत्र 2022-23 से मान्य होगा। इसके बाद कॉलेज को बार-बार मान्यता के लिए फीस देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दाखिलों के लिए पत्र का इंतजार

नए सत्र में राज्य के सभी 15 लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष के दाखिले शुरू नहीं हुए हैं। अव्वल तो राज्य के विश्वविद्यालयों के यूजी तृतीय वर्ष की परीक्षाओं के नतीजे बकाया हैं। वहीं बार कौंसिल ऑफ इंडिया से दाखिलों की अनुमति भी नहीं मिली है। मालूम हो कि सरकार और उच्च शिक्षा विभाग को यूनिवर्सिटी की मान्यता, संसाधनों को लेकर बीसीआई को अंडर टेकिंग देनी पड़ती है।

राज्य में सरकारी लॉ कॉलेज : 15

कॉलेज की स्थापना : 2005

विधि शिक्षा में अध्ययनरत स्टूडेंट्स-10 हजार

सरकार से अनुदान : किसी कॉलेज को नहीं

विधि संकाय में कार्यरत शिक्षक-130