29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ajmer News : नन्ही स्केटर हंसिका ने झुग्गी बस्ती के बच्चों को दिया सफलता का मंत्र

Ajmer News : ग्यारह वर्षीय हंसिका कोमाया उदयपुर से दिल्ली तक 723 कि.मी की स्केट्स यात्रा के दौरान रविवार को अजमेर पहुंची। हंसिका ट्रांसपोर्ट नगर झुग्गी बस्ती में बच्चों से मिली । उन्होंने बच्चों को बताया कि यदि जीवन में आगे बढऩा है तो अपना लक्ष्य तय करना होगा। किसी भी मंजिल को प्राप्त करने के लिए शिक्षा महत्वूपर्ण माध्यम है। हसिंका ने बच्चों के परिजन से कहा कि वे अपनी बच्चों को विद्यालय भेजें।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Yuglesh Sharma

•

Updated: 14 Oct 2019, 1:58 AM IST

Ajmer News : नन्ही स्केटर हंसिका ने झुग्गी बस्ती के बच्चों को दिया सफलता का मंत्र

Ajmer News : नन्ही स्केटर हंसिका ने झुग्गी बस्ती के बच्चों को दिया सफलता का मंत्र

अजमेर. श्रृष्टी सेवा संस्थान की पहल पर 11 वर्षीय हंसिका (hansika) कोमाया उदयपुर (udaipur) से दिल्ली तक 723 कि.मी की स्केट्स (sketing) यात्रा के दौरान रविवार को अजमेर (ajmer) पहुंची। इस अनूठी यात्रा का उद्देश्य बालिकाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना एवं समाज में फैली लैंगिक असमानता को मिटाना है। हंसिका 20 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली हॉफ मेराथन में शामिल होंगी।
अजमेर पहुंचने के बाद हंसिका ट्रांसपोर्ट नगर झुग्गी बस्ती में बच्चों से मिली । उन्होंने बच्चों को बताया कि यदि जीवन में आगे बढऩा है तो अपना लक्ष्य तय करना होगा। किसी भी मंजिल को प्राप्त करने के लिए शिक्षा महत्वूपर्ण माध्यम है। हसिंका ने बच्चों के परिजन से कहा कि वे अपनी बच्चों को विद्यालय भेजें।

READ MORE: स्कूल में छात्राओं से अश्लील हरकत!

हंसिका के अजमेर पहुंचने पर आदर्श नगर डीएवी शताब्दी स्कूल के सामने सेन समाज सहित शहर की विभिन्न संस्थाओं ने स्वागत किया। हंसिका उदयपुर से दिल्ली स्केटिंग यात्रा के द्वारा चित्तौडगढ़़, भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर, अलवर होते हुए 723 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंचेगी। दिल्ली में 20 अक्टूबर को आयोजित होने ्रवाली हाफ मैराथन में भाग लेगी। इस अभियान के तहत समाज सेवी संस्था सृष्टि सेवा समिति उदयपुर जनसहयोग से धनराशि जुटाकर आदिवासी क्षेत्र के गरीब परिवारों की बालिकाओं की शिक्षा पर खर्च करेगी।