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जिम में घटिया मशीन से करते एक्सरसाइज, पता चला तो उड़े लोगों के होश

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open jim machine

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अजमेर.

सुभाष उद्यान में ओमपन एयरजिम में लगाई गई घटिया मशीनें बदली जाएंगी। जिम लगाने वाले ठेकेदार ने अब महाराष्ट्र से जिम की नई मशीनें मंगवा ली हैं। ये सुभाष उद्यान में बरंगगढ़वाले गेट की तरफ जमीन पर पड़ी हुई हैं। ठेकेदार ने इसके लिए चार महीने का समय बर्बाद किया है। नई मशीनें अभी जिम में स्थापित नहीं की गई लोग अभी भी टूटी फूटी जिम की मशीनों से ही कसरत कर रहे हैं। जबकि प्रतिदिन इस उद्यान में आने वाले लोगों से 5 रुपए का टिकट नगर निगम वसूल करता है। लोग पैसा देकर घटिया जिम का उपयोग कर रहे हैं।

यदि स्मार्ट सिटी के तहत शहर में लगी जिम से सुभाष उद्यान में लगी जिम की तुलना करें तो दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। स्मार्ट सिटी की जिम का उपयोग पूरे शहर में मुफ्त है। ठेकेदार ने अपना लाखों रुपए बचाने के चक्कर में जिम के लिए घटिया व लोकल माल ही लगा दिया। इसकी कीमत डेढ़ से दो लाख रुपए के बीच है जबकि स्मार्ट सिटी के तहत पार्को में लगी जिम करीब 12 लाख रुपए की है।

पत्रिका ने खुलासा किया तो रोका भुगतान

जिम के नाम पर फर्जीवाड़ा करने तथा घटिया माल लगाने के मामले का राजस्थान पत्रिका 16 अक्टूबर 2018 को खुलासा किया तो नगर निगम ने ठेकेदार का 1.10 करोड़ का भुगतान रोक दिया। निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को स्मार्ट सिटी के तहत शहर में लगी जिम की तरह ही मशीनें लगाने के निर्देश दिए। जिम की मशीनें बदलने के लिए ठेकेदार को कई बार चेतावनी भी दी गई। इसके बाद ठेकदार को महाराष्ट से जिम की नई मशीनें मंगवानी पड़ी। इसी ठेकेदार को स्मार्ट सिटी के तहत विकसित किए गए शहर के 10 पार्कों में भी जिम लगाने है लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी अब तक इन पार्कों में जिम नहीं लगाई गई है।

लगा दिया था लोकल माल
लोंगों को कसरत करने के लिए लगाई गई ओपन एयर जिम मानकों पर खरी नहीं है जिम की मशीनों का निर्माण नगर निगम के पास ही खाईलैंड में हुआ है। मशीन पर रबड़ की ग्रिप, मैट का अभाव है,प्लास्टिक की क्वालिटी भी ठीक नहीं है। जिम की मशीनें टूटने लगी है। बैरिंग खुली पड़ी है व जाम है। मशीनों से खट-खट की आवाजें आ रही है। जिम करने पर झटके लग रहे है इससे आंतरिक चोट आ सकती है। उपकरणों की वेल्डिंग व मोडऩा मशीन से ना होकर हथौड़े से या अच्छी तरह से नही की गई है। मशीनों के फाउंडेशन व नट बोल्ट भी उखडऩे लगे हैं। जिम की कई मशीनें टूट चुकी हैं। मशीनों पर घटिया क्वालिटी का पेंट किया गया है वह भी छूट गया है। जिम करने से सम्बन्धित सूचना बोर्ड नहीं लगे हैं।