
low floor bus in worst condition
भूपेंद्र सिंह/अजमेर।
यह बसें पूरे अजमेर के लिए खास हैं। इसमें सफर करने से पहले लोग राम-राम बोलते हैं। सफर पूरा होने के बाद शुक्रिया अदा करते हैं। शहर व आसपास के क्षेत्रों में दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन बन चुकी लो-फ्लोर बसें अब नाकारा (कंडम) हो चुकी है। इसके बावजूद12 बसों का संचालन प्रतिदिन किया जा रहा है। इन बसों को जरिए यात्री अपनी जान जोखिम में डाल कर इनमें यात्रा कर रहे हैं।
रोड पर चल रही बसें जर्जर अवस्था में हैं। इन बसों का संचालन कर रहे राजस्थान पथ परिवहन निगम के अजमेर आगार ने एसीटीएसएल के तहत चल रही बसों को नाकारा (कंडम) घोषित करने के लिए एसीटीएसएल के एमडी एवं जिला कलक्टर को पत्र लिखा है। आगार प्रबन्धक के अनुसार एसीटीएसएल सेवा के तह सिटी परिवहन के रोडवेज के बेड़े में वर्ष 2010 में शामिल 35 लो फ्लो बसें नियमानुसर वर्ष 2016 में कर कंडम घोषित हो चुकी है।
35 में 22 बसें कंडम होने के कारण इनकी आरसी परिवहन विभाग को समर्पित की जा चुकी है। बसों की सेवा अवधि पांच साल ही थी लेकिन 13 बसों को सातवें साल में भी चलाया जा रहा है। बसें आए दिन सड़क पर ब्रेक डाउन होती है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज को इनके स्पेयर पाट्र्स भी नहीं मिल रहे हैं।
घाटियां चढ़ती हैं बसें
वहीं बसों की संख्या एक तिहाई ही रहने से यात्रियों को घंटों तक इन बसों का इंतजार करना पड़ता है। इन बसों की क्षमता 45 सवारियों की है लेकिन इसमें 150-200 यात्री सफर करते है। इन कंडम बसों को पुष्कर व नसीराबाद की घाटियों पर भी संचालालित किया जाता है। जबकि इन बसों का डिजाइन सिर्फ शहरी सड़कों के लिए ही है।
घाटा 16 करोड़
वहीं इन बसों के संचालन के लेकर 16 करोड़ के घाटे का भुगतान अभी तक रोडवेज को नहीं हो सका। यह मामला रोडवज,एडीए व नगर निगम के बीच उलझा हुआ है। पूर्व में रोडवेज ने इस बसों के संचालन से भी इनकार कर दिया था।
डीपीआर की कछुआ चाल
निगम निगम अमृत योजना के तहत अजमेर पुष्कर सिटीबस सेवा लिमिटेड के अन्तर्गत नई बसें खरीदेगा। इसके लिए कंसल्टेंट कम्पनी की नियुक्त तो कर दी गई है लेकिन बस खरीद के लिए डीपीआर तैयार करने की समय सीमा निकल चुकी है।
अक्टूबर माह में कंसल्टेंसी का ठेका दिल्ली की एक कम्पनी को दिया गया था। ठेकाशर्तो के अनुसार नवम्बर में इसकी डीपीआर तैयार हो जानी चाहिए थी लेकिन अब तक सिर्फ जानकारियां ही जुटाई जा रही हैें।
Published on:
23 Jan 2018 07:29 am
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