
खुद फर्जी डॉक्टर बनकर बना दिया मेडिकल सर्टिफिकेट
चन्द्र प्रकाश जोशी
अजमेर. अवकाश लेने के लिए सरकारी कार्मिक की ओर से फर्जी रूप से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने का मामला सामने आया है। इसमें कार्मिक की अस्वस्थता को लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी होने से संबंधित चिकित्सक भी बेखबर हैं। चिकित्सक से ना ताे कोई परामर्श लिया गया, ना ही बीमारी के नाम पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करवाया गया। इसके बावजूद कागजों में चिकित्सक के नाम से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी हो गया।
मामला अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल से जुड़ा है। यहां आपातकालीन ईकाई के प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैतान सिंह के नाम से एवं उनके फर्जी हस्ताक्षर से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी हो गया। मेडिकल सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इनक्वायरी इंचार्ज के सामने सर्टिफिकेट आया तो चिकित्सक के हस्ताक्षर मैच नहीं होने पर संबंधित चिकित्सक से संपर्क कर सूचना दी। इस पर चिकित्सक ने मेडिकल सर्टिफिकेट में उनके नाम से हस्ताक्षर देखे तो वे भी चौंक गए। डॉ. सिंह ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई करने व निष्पक्ष जांच की मांग की।
ऐसे आया मामला सामने
डॉ. सिंह ने नाम से फर्जी रूप से जारी सिक एवं फिट मेडिकल सर्टिफिकेट को चिल्ड्रन वार्ड की एक महिला नर्सिंगकर्मी इन्दु ने वार्ड लेडी के हाथों इनक्वायरी इंचार्ज जुगराज के पास सील लगवाने के लिए भिजवाया। हस्ताक्षर में गड़बड़ी पाए जाने पर डॉ. सिंह के पास मेडिकल सर्टिफिकेट भिजवाया, जिसमें मामले का खुलासा हुआ। सर्टिफिकेट सरकारी शिक्षा विभाग में कार्यरत सुमन सहायक के नाम से 2 से 4 फरवरी तक का होना पाया गया।
इनका कहना है
मेरे नाम व फर्जी हस्ताक्षर से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया। मैंने मामले की जांच एवं कार्रवाई के लिए लिखा है।
डॉ. शैतान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आपातकालीन इकाई जेएलएनएच
Published on:
08 Feb 2023 12:26 pm
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