20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वैकल्पिक भवनों में होगी छोटी संसद की शुरुआत

  नई पंचायतों में पंच-सरपंचों को नहीं है बैठने की जगह पंचायत समिति के अधिकारी कर रहे हैं बजट का इंतजार

2 min read
Google source verification
वैकल्पिक भवनों में होगी छोटी संसद की शुरुआत

वैकल्पिक भवनों में होगी छोटी संसद की शुरुआत

मालपुरा. देश की सबसे छोटी संसद कही जाने वाली उपखण्ड की दो नवसृजित ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनका गठन होने के साथ सरपंच व वार्डपंच का निर्वाचन भी हो गया, लेकिन संचालन के लिए नए भवन निर्माण व अन्य सुविधाओं के लिए बजट आवंटित नहीं होने से नए जनप्रतिनिधियों को पंचायत गतिविधियां संचालन कराना मुश्किल बना हुआ है। इधर, चार माह से नवसृजित पंचायतों के लिए पंचायत समिति भी बजट का इंतजार कर रही है। स्थिति यह है कि तृतीय चरण के चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित सरपंच, अन्य सरकारी भवनों में छोटी संसद (ग्राम पंचायत) का संचालन कराने को मजबूर हैं।
मालपुरा उपखण्ड में पूर्व में 36 ग्राम पंचायतें संचालित थी। सरकार के परिसीमन आदेश के बाद उपखण्ड में मालपुरा शहर से जुड़े क्षेत्र बृजलालनगर व बागड़ी ग्राम पंचायत का नवसृजन किया गया। जहां पंचायतराज के तृतीय चरण चुनाव में सृजित ग्राम पंचायतों में सरंपच व वार्डपंचों के चुनाव भी हुए। इसमें जनता ने अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र के विकास को लेकर सरपंच व वार्डपंचों को चुना। वहीं पंचायत राज ने सृजित पंचायतों के संचालन को लेकर नए भवन निर्माण व फर्नीचर समेत अन्य सुविधाओं के लिए किसी प्रकार का बजट आवंटित करना तो दूर, भूमि का भी चिह्निकरण नहीं हो पाया है, जिससे स्थिति यह है कि ग्राम पंचायतों की बैठकों के संचालन, कार्यालय रिकॉर्ड की सुरक्षा व अन्य कार्यों के लिए अन्य सरकारी भवनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

पोर्टल पर अपडेट नहीं है ग्राम पंचायतें
उपखंड में करीब चार माह पूर्व बृजलाल नगर व बागडी पंचायतें नई जुड़ गई हैं, लेकिन अभी तक जिला परिषद की पोर्टल वेबसाइट पर वही पुरानी 36 ग्राम पंचायतें ही दर्शाई जा रही हैं। ऐसे में वर्तमान में पुरानी ग्राम पंचायतें ही ऑनलाइन हैं।

यह बोलीं नवनिर्वाचित सरपंच
नवसृजित ग्राम पंचायतों के तहत बृजलाल नगर सरपंच रेखा नामा ने बताया कि अभी तक भवनों की कोई व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में गांव के राउप्रावि में एक कक्ष में ही बैठना पड़ रहा है। गत चार दिन पहले ही कार्यालय में पदभार ग्रहण किया गया। पर्याप्त कक्ष नहीं होने से परेशानी होती है।