अजमेर. नाबालिग से विवाह के मामले में शहर के एक युवक को बिहार की पुलिस गुरुवार रात गिरफ्तार कर ले गई। अजमेर से लौटी किशोरी ने समाजसेवी संस्था के जरिए बिहार के गया जिले में युवक के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज कराया है।
गुरुवार रात बिहार की गया जिला पुलिस के उप निरीक्षक राहुल कुमार व सिपाही ने क्रिश्चियन गंज थाने पहुंचकर इमदाद मांगी। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस की मदद से बिहार पुलिस ने वैशालीनगर में नवदीप अग्रवाल के घर दबिश देकर उसके बेटे अनिल अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। पड़ताल में सामने आया कि 12 दिसम्बर 2022 को अग्रवाल ने बेटे अनिल का विवाह कथित दलाल प्रिया कुमारी के जरिए किशोरी से किया था। महिला दलाल ने अग्रवाल को किशोरी के बालिग होने का झांसा दिया था। हालांकि किशोरी के घर से भागने के बाद मामला आरपीएफ थाने, फिर बाल कल्याण समिति से मानव तस्करी विरोधी शाखा समेत कई एजेंसियों तक पहुंचा। आखिर किशोरी को बिहार गया पुलिस के हवाले कर दिया। किशोरी ने बिहार में सामाजिक संगठन के जरिए मानव तस्करी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया। इस पर गुरुवार शाम पुलिस टीम अनिल को बिहार, गया लेकर रवाना हुई।
यह है मामला
गतवर्ष 22 दिसम्बर को वैशालीनगर निवासी नवदीप अग्रवाल की पुत्रवधू बिना बताए घर से निकल गई। इधर उसकी तलाश करते नवदीप अग्रवाल और अनिल रेलवे स्टेशन पहुंचे। नवविवाहिता ने साथ जाने से इनकार कर दिया। उसने पुलिस व बाल कल्याण समिति के समक्ष खुद को 13 साल की बताते हुए जबरन शादी के बयान दिए। पड़ताल में सामने आया कि कथित दलाल प्रिया शादियों के सिलसिले में अक्सर अजमेर आती थी। होटल में ठहरने के दौरान नवदीप से उसकी मुलाकात हो गई। उसने डेढ़ लाख रुपए में उसके बेटे की नाबालिग से शादी करवा दी जबकि पीडि़त किशोरी का कहना था कि प्रिया उसे घुमाने लेकर आई थी।