30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रसूता ने झेला दर्द, अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे हो गया प्रसव

सरकारी अस्पताल में नहीं मिली चिकित्सा सुविधा, ग्रामीणों में आक्रोश जच्चा-बच्चा को निजी वाहन से पहुंचाया दूसरे अस्पताल
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Shiv Kumar Jangid

•

Updated: 9 Nov 2019, 5:14 PM IST

प्रसूता ने झेला दर्द, अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे हो गया प्रसव

दांतड़ा अस्पताल में नाराजगी जताते परिजन।

पीसांगन(अजमेर) . इधर अस्पताल में प्रसूता प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। उधर प्रसूता के परिजन अस्पताल में डॉक्टर-नर्स को इधर-उधर ढूंढते रहे ।लेकिन न तो डॉक्टर मिला नहीं नर्स। प्रसूता ने अस्पताल परिसर में स्थित नीम के पेड़ के नीचे खुली जगह में पुत्र को जन्म दिया। बाद में जच्चा-बच्चा को निजी वाहन से पीसांगन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यह गत दिवस वाक्या अजमेर जिले के दांतड़ा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में पेश आया। घटना के बाद अस्पताल में चिकित्सा अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। दांतड़ा निवासी हीरालाल रैदास ने बताया कि उसकी पत्नी पद्मा को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब ११ बजे स्थानीय उप स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। जहां कोई भी चिकित्साकर्मी नहीं मिला। इधर प्रसव पीड़ा बढऩे पर पद्मा का अस्पताल परिसर स्थित नीम के पेड़ के नीचे प्रसव हो गया। आरोप है कि इसकी जानकारी होने पर भी अस्पताल प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। मामले की जानकारी होने पर सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे गए और अव्यस्थाओं पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने जच्चा-बच्चा को निजी वाहन से पीसांगन अस्पताल भेजा। इधर बीसीएमओ घनश्याम मोयल का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक अवकाश पर है। मेल नर्स द्वितीय को व्यवस्थार्थ बुधवाड़ा लगाया हुआ है, जबकि एएनएम छुट्टी पर चल रही है। वही ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स के पुत्र की तबीयत खराब होने पर अजमेर उपचार कराने गई हुई थी। अस्पताल में दूसरे अस्पताल से प्रसाविका को व्यवस्थार्थ लगाया गया था। लेकिन प्रसाविका के अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव हो चुका था।