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Poor Governance: सरकार और राजभवन को नहीं मिला कोई कार्यवाहक कुलपति

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 26 Jul 2018, 7:24 AM IST

mdsu vice chancellor

mdsu vice chancellor

अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को चौथे दिन भी कार्यवाहक कुलपति नहीं मिल सका। राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय के बीच पत्रावली अटकी रही। प्रदेश के किसी भी कुलपति को कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपने को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी।

प्रो. विजय श्रीमाली के निधन के बाद चौथे दिन विश्वविद्यालय में कुलपति पद रहा। कुलपति नियुक्ति की फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन के बीच ही बनी रही। बुधवार को भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की व्यस्तता के चलते इस पर राजभवन से चर्चा नहीं हो पाई।

अधिकृत सूत्रों के मुताबिक फाइल पहुंचने के बाद ही कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह कार्यवाहक कुलपति के नियुक्ति आदेश जारी करेंगे।

प्रो. सोडाणी या कोई और...अधिकृत जानकारी के अनुसार उच्च स्तर पर गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी पर करीब-करीब सहमति बन चुकी है। प्रो. सोडाणी मौजूदा वक्त विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती, पाठ्यक्रम, और कुलपति सर्च पैनल में सदस्य हैं। उन पर कामकाज का काफी बोझ है। इसके चलते श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रवीण सिंह राठौड़, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी और एम.एल.सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. शर्मा के नाम पर भी चर्चा जारी है।

अटक गए कई अहम काम...

स्थाई या कार्यवाहक कुलपति नहीं होने विश्वविद्यालय में कई अहम काम अटक गए हैं। इनमें नवां दीक्षान्त समारोह, अधिकारियों की भर्ती सबसे खास है। इसके अलावा आगामी दिनों में सालाना परीक्षा फार्म, छात्रसंघ चुनाव, अन्तर महाविद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता और अन्य गतिविधियां होंगी। कुलपति के बगैर विश्वविद्यालय की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

नहीं किया कोई खुलासा

मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों से मुलाकात एवं गोपनीय रिपोर्ट सौंपने के बावजूद अध्यक्ष उप्रेती ने आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के बारे में कोई खुलासा नहीं किया। परीक्षा 5 अगस्त को होगी या इसके आगे खिसकेगी यह निर्धारित नहीं हो सका। अब परीक्षा आयोजन में महज 10 दिन बचे हैं। आयोग को अगले सप्ताह हर हाल में प्रवेश पत्र अपलोड करने होंगे। ऐसा नहीं हुआ तो अभ्यर्थियों की परेशानी बढऩा तय है।

सबकुछ उप्रेती पर निर्भर........

नियमानुसार आयोग के स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष ही आरएएस प्रारंभिक और अन्य परीक्षाओं के पेपर तैयार कराने और इनकी प्रिंटिंग कराने के लिए अधिकृत होते हैं। आरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 के लिए तैयार हुए दो पेपर और अन्य कार्यों की अध्यक्ष उप्रेती को समीक्षा करनी है। वे चाहें तो विशेषज्ञों से नए सिरे से सभी पेपर तैयार करा सकते हैं। चाहें तो तैयार पेपर की उच्च स्तरीय समीक्षा और इनकी प्रिंटिंग कराकर परीक्षा करा सकते हैं।