
law college ajmer
अजमेर
लॉ कॉलेज की स्थायी मान्यता और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अब छात्रों ने पीएम नरेंद्र मोदी से संपर्क किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर समस्याओं के समाधान का आग्रह किया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के के महानगर कार्य समिति सदस्य पवन टाक, धर्मेन्द्र बाज्या, रामकिशोर जाजड़ा, अशोक जांगिड़, तारा देवी, अमित फ्रांसिस, कन्हैया और अन्य ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि लॉ कॉलेज को 13 साल से स्थाई मान्यता नहीं मिली है। कॉलेज में चारदीवारी, स्थाई प्राचार्य, पर्याप्त शिक्षक नहीं है।
विद्यार्थी सरकार, राजभवन, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति, जिला बार एसोसिएशन, जिला कलक्टर को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है।
आगे खिसकेगी आरएएस प्रारंभिक परीक्षा की तिथि
राजस्थान लोक सेवा आयोग की सबसे प्रतिष्ठित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती-2018) की तिथि आगे खिसक सकती है। आयोग में उच्च स्तरीय चर्चा के बाद यह सम्भावना बनी है। उच्चाधिकारियों का मानना है, कि कम समय होने और अधूरी तैयारियों के चलते 5 अगस्त को परीक्षा कराना बहुत जोखिमपूर्ण होगा। अब निगाहें अध्यक्ष दीपक उप्रेती पर टिकी हैं।
आयोग ने 5 अगस्त को आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती-2018) कराना तय किया है। मई में आयोजित फुल कमीशन की बैठक में यह तिथि तय हुई थी। लेकिन 80 दिन तक स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं होने से आयोग पेपर प्रिंट नहीं करा पाया। इस दौरान दो बार फुल कमीशन की बैठक हुई पर आयोग परीक्षा स्थगित या तय तिथि पर कराने का फैसला नहीं ले सका।
उप्रेती को ये मिला फीडबैक..
कार्यभार संभालते ही अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने आयोग सदस्यों और अधिकारियों से आरएएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों के बारे में पूछा। उन्होंने 5 अगस्त को ही परीक्षा कराने की सभी संभावनाओं को टटोला। उच्चाधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा कि महज 13 दिन में पेपर प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना और अन्य तैयारियां करना चुनौतिपूर्ण है। ऐसे में तय तिथि पर ही परीक्षा कराना बेहद जोखिम पूर्ण होगा। नियमानुसार परीक्षा करानी या तिथि आगे बढ़ाने के लिए फुल कमीशन की बैठक में ही फैसला लिया जा सकता है।
....दो पेपर तैयार करा चुका आयोग
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि अंदरूनी स्तर पर परीक्षा की 80 फीसदी से ज्यादा तैयारियां हो चुकी हैं। आयोग विशेषज्ञों से आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के दो पेपर तैयार करा चुका है। अन्य पेपर भी तैयार कराए जा रहे हैं। अब उच्च स्तरीय प्रिंटिंग प्रेस से इन्हें छपवाने और केंद्रों तक पहुंचाने का काम ही बकाया है। इसके अलावा केंद्रों का निर्धारण हो चुका है। कई जिला कलक्टर और एसपी ने आरएएस अधिकारी और पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर दिए हैं।
Published on:
25 Jul 2018, 8:16 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.