
raj bhawan rajasthan
अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षक हटाए जाने पर राजभवन ने रोक लगाई है। हाल में एकेडेमिक कौंसिल ने चार साल पूर्व एमओयू समाप्त होने के बाद योग एवं मानविकी विभाग को विश्वविद्यालय का हिस्सा बनाने का फैसला किया। इसको लेकर योग शिक्षक राजभवन पहुंचे थे।
विधायक ने वासुदेव देवनानी ने कहा कि विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान बेंगलूरू एवं विश्वविद्यालय के बीच हुए अनुबंध के तहत कई सालों से योग प्रशिक्षक सेवाररत हैं। विद्या परिषद की बैठक में सुनियोजित तरीके से योग प्रशिक्षकों को हटाने का निर्णय हुआ। यह निर्णय तब लिया गया है जब कोरोनाकाल में योग को सशक्त विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
राजभवन ने लगाई रोक
योग प्रशिक्षकों के राजभवन जाने पर कुलाधिपति कलराज मिश्र ने प्रशिक्षकों को हटाने के निर्णय पर रोक लगाई है। विश्वविद्यालय में योग एवं मानवीय चेतना केंद्र संचालित रहेगा। मालूम हो सात अप्रेल को हुई एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में योग एवं मानवीय चेतना विभाग को विवि के अधीन करने, गेस्ट फेकल्टी से अध्ययन कराने और यहां के शिक्षक को इसका विभागाध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ था।
कुलाधिपति के आदेशानुसार पालना की जाएगी। यह निर्णय एकेडेमिक कौंसिल में निर्णय लिया गया है।
ओम थानवी, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
Published on:
05 Aug 2021 10:26 am
