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MDSU:लाइब्रेरी के सामने बनेगा संविधान पार्क और रोज गार्डन

संविधान की प्रस्तावना से जुड़ी पट्टिकाएं और श्रेष्ठतम/विशिष्ट उपलब्धता वाले मॉडल-सामग्री भी लगाई जाएगी।

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mdsu ajmer

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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में संविधान पार्क और रोज गार्डन बनेगा। केंद्रीय पुस्तकालय के सामने जमीन प्रस्तावित की गई है।

राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में सभी विश्वविद्यालयों में संविधान पार्क बनाने को कहा है। यहां संविधान की प्रस्तावना से जुड़ी पट्टिकाएं और श्रेष्ठतम/विशिष्ट उपलब्धता वाले मॉडल-सामग्री भी लगाई जाएगी। ताकि राजभवन में आगंतुकों-विद्यार्थियों, शोधार्थियों को संविधान, विश्वविद्यालयों में शैक्षिक नवाचार, विशिष्ट पाठ्यक्रमों-शोध की जानकारी मिल सके।

लगेगा रॉकेट मॉडल
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के रिमोट सेसिंग विभाग ने पीएसएलवी रॉकेट का मॉडल तैयार कराया है। यह रॉकेट मॉडल हूबहू मंगलयान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए पीएसएलवी की तरह होगा। इसकी ऊंचाई करीब 6.28 फीट होगी। परिसर में एक छोटा चबूतरा बनाकर इसे स्थापित किया जाएगा। इस पर विश्वविद्यालय और उसके विभाग का नाम और मॉडल के बारे में संक्षिप्त जानकारी भी होगी। मालूम हो कि इसरो, आईआईटी, आईआईएम सहित देश के विभिन्न ख्यातनाम संस्थानों में ऐसे मॉडल, सैन्य उपकरण लगाए गए हैं। इन्हें आगंतुक देखकर प्रेरित होते हैं।

प्राइवेट स्कूल मांग रहे फीस, पेरेंट्स में बढ़ी नाराजगी

अजमेर. निजी स्कूलों के फीस मांगने को लेकर परिजनों की नाराजगी बढ़ रही है। स्कूल खर्चे और स्टाफ की पगार का हवाला देकर फीस मांग रहे हैं। वहीं अभिभावक आर्थिक स्थिति के चलते फीस में रियायत चाहते हैं। सेंट स्टीवंज के समक्ष हुए प्रदर्शन में कुछ यह बात सामने आई। अभिभावकों ने चेताया कि फीस को लेकर सरकार और प्रशासन ने कोई फैसला नहीं किया तो 31 अगस्त को राजस्थान बंद किया जाएगा।

कोरोना संक्रमण के चलते निजी, सरकारी स्कूल बंद हैं। सभी स्कूल विभिन्न एप से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। सेंट स्टीवंज स्कूल ने हाल में अभिभावकों को मैसेज भेजक फीस जमा कराने को कहा। इसको लेकर कई अभिभावकों ने ज्ञापन भी दिए थे।

पचास प्रतिशत कम करें फीस
अभिभावकों ने बताया कि ऑनलाइन क्लास के नाम पर स्कूल प्रशासन फीस मांग रहा है। पिछले दिनों कई परिजनों ने स्कूल प्रबंधन को आर्थिक स्थिति का हवाला देकर असमर्थता जताई। इसके बावजूद स्कूल ने कोई ध्यान नहीं दिया। कई परिजनों के दो से तीन बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। स्कूल को कोरोना संक्रमण में परिजनों की स्थिति को देखते हुए 50 प्रतिशत फीस कम करनी चाहिए।