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टीम ने किया लॉ कॉलेज का निरीक्षण, सम्बद्धता पर निगाहें

इसको लेकर लॉ कॉलेज ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय और सरकार को कई पत्र भेजे पर कोई जवाब नहीं मिला है।

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सत्र 2019-20 की सम्बद्धता देने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की टीम ने मंगलवार को लॉ कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम की रिपोर्ट के बाद एकेडेमिक विभाग सम्बद्धता पत्र जारी करेगा।साल 2005 में स्थापित लॉ कॉलेज को प्रतिवर्ष महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष सम्बद्धता लेनी पड़ती है।

मंगलवार को विश्वविद्याल की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया। प्रो. यू. सी. सांखला और प्रो. एस.एस.लाल की टीम ने लेखा विभाग, पुस्तकालय, कम्प्यूटर लेब, मूट कोर्ट कक्षाओं और अन्य संसाधनों को देखा। इसके आधार पर कॉलेज को पाठ्यक्रम संचालन और दाखिलों के लिए एक साल की अस्थाई सम्बद्धता मिलेगी।

बनाएं खेल मैदान..

कॉलेज में खेल मैदान नहीं होने पर प्रो.सांखला ने आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि बीसीआई की शर्तों में खेल सुविधाएं अनिवार्य हैं। यहां आप वॉलीबॉल मैदान तो तैयार कर ही सकते हैं। इसके अलावा टीम ने कॉलेज के बॉयज फंड, एफडीआर, लाइब्रेरी में किताबों के बारे में पूछा। टीम ने कॉलेज को अपना जर्नल (पुस्तक) निकालने के निर्देश भी दिए।

तीन साल की सम्बद्धता पर नहीं विचार

बीसीआई ने सभी विश्वविद्यालयों को लगातार तीन साल की सम्बद्धता देने को कहा है। इसको लेकर लॉ कॉलेज ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय और सरकार को कई पत्र भेजे पर कोई जवाब नहीं मिला है। कॉलेज ने विश्वविद्यालय को सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 का एकमुश्त सम्बद्धता शुल्क भी जमा करा दिया है। फिर भी स्थिति यथावत है। इस मामले में लॉ कॉलेज, सरकार और विश्वविद्यालय के बीच सिर्फ पत्र भेजे जा रहे हैं। यहां खास बात यह है, कि एकमुश्त सम्बद्धता के लिए विश्वविद्यालय को एक्ट में संशोधन करना जरूरी होगा।