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Ajmer Crime: किशोरी से हैवानियत मामले में जनाना अस्पताल का सरकारी डॉक्टर और ई-मित्र संचालक गिरफ्तार

Ajmer Crime: नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जनाना अस्पताल के एक सरकारी डॉक्टर और एक ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
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अजमेर

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Kamal Mishra

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Updated: 13 Apr 2026, 7:49 PM IST

ajmer doctor

गिरफ्तार डॉक्टर (फोटो-पत्रिका)

अजमेर। नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जनाना अस्पताल के एक सरकारी डॉक्टर और एक ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर नाबालिग को धमकाने और कई बार दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप हैं। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पीड़िता की बड़ी बहन ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसमें सामने आया कि आरोपी डॉक्टर कैलाश कुमार जीनगर (32) जालोर जिले के उम्मेदाबाद का रहने वाला है। वहीं ई-मित्र संचालक पीड़िता का पड़ोसी और परिचित है।

भाभी की डिलीवरी के दौरान हुआ संपर्क

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता अपनी भाभी की डिलीवरी के दौरान जनाना अस्पताल में रुकी हुई थी। इसी दौरान डॉक्टर से उसकी पहचान हुई। आरोप है कि डॉक्टर ने मोबाइल नंबर लेकर उससे संपर्क बनाए रखा और 14 फरवरी 2025 को घुमाने के बहाने अपने फ्लैट पर ले गया। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस दौरान आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए।

खिलाता रहा गर्भ निरोधक गोलियां

दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर ने किशोरी के साथ ब्लैकमेक कर 8-10 बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। साथ ही गर्भनिरोधक गोलियां खिलाता रहा। पीड़िता की बहन ने बताया कि गर्भ ठहरने पर आरोपी ने उसका गर्भपात करवा दिया।

झांसा देकर ई-मित्र भी करने लगा दुष्कर्म

पीड़िता ने बताया कि वह पढ़ाई के काम से कॉलोनी में ही एक ई-मित्र संचालक की दुकान पर जाती रहती थी। जब उसने अपनी पीड़ा परिचित ई-मित्र संचालक से बताई तो उसने हमदर्दी जता आरोपी चिकित्सक के चंगुल से मुक्त कराने की बात कही। इसके बाद अपनी बातों में फंसाकर ई-मित्र संचालक भी उसका देहशोषण करने लगा। वह भी बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा और बेरहमी से मारपीट की।

कपड़ा बदलने के दौरान मामला आया सामने

पीड़िता की बहन ने बताया कि 10 अप्रेल को कपड़ा बदलने के दौरान उसने छोटी बहने के शरीर पर चोट के निशान देखे। इसके बाद उसने इसकी वजह पूछी तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। मामला सामने आने के बाद पीड़िता की बहन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस कार्रवाई में जुटी

कृष्णगंज थाना पुलिस ने शनिवार देर रात जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल कराया। शुक्रवार सुबह पीड़िता के महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में बयान दर्ज किए गए। अब पुलिस पीड़िता के अदालत में बयान करवाने के बाद प्रकरण में अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी।