
अजमेर . कार्तिक माह में एकादशी से पूर्णिमा तक प्रतिवर्ष धार्मिक पुष्कर मेले का आयोजन होता है । पौराणिक काल से पुष्कर की महत्तता बरकरार है। ऐसा माना जाता है कि 84 करोड़ देवी देवता पंचतीर्थ (एकादशी से पूर्णिमा) स्नान के दौरान पुष्कर में वास करते हैं। इसके चलते श्रृद्धालुओं की पुष्कर में सर्वाधिक आवक होती है। इसके अलावा पुष्कर विदेशी व देसी सैलानियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केन्द्र भी है। खासतौर पर पुष्कर मेले के दौरान राजस्थान की अलबैली संस्कृति, खानपान, रैतीले धोरों में कैम्प फायर व सैर सपाटा लोगों को बेहद लुभाता है।
कई मायनो में पुष्कर मेला राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों में सबसे बड़ा पशु मेला भी है, इसमें रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊँट , घोड़े व अन्य पशुओं की खरीद फरोख्त होती है। साथ ही यहां पशुओं के साज-सजावट के सामान, पुरूषों व महिलाओं के पारम्परिक परिधान , घरेलू व सजावटी सामान भी बड़े पैमाने पर लोगों को उपलब्ध हो पाते हैं। कई विदेशी तो आध्यातमिक शांति के लिए हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर पुष्कर पहुंचते हैं।
हॉट एयर बलून- पिछले पांच वर्षों से पुष्कर मेले में हॉट एयर बलून की शुरूआत हुई है। इसकी सवारी करने के लिए लोग यहां पुष्कर मेले में आते हैं। इसके लिए लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है।
कैमल सफारी- रेतीले धोरों में कैमल सफारी का अपना ही एक आनन्द है , सजे धजे ऊँट व बग्गियों की सैर करने के लिए भी लोग यहां पुष्कर मेले में आते हैं।
राजस्थान के सभी रंग यहां देखने को मिलते हैं- पुष्कर मेले में राजस्थानी लोक व कला के साथ ही राजस्थानी संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं। इन्हीं रंगों को अपने कैमरे में कैद करने के लिए भी लोग पुष्कर मेले में आते हैं।
सबसे बड़ा पशु मेला - इन्टरनेशनल लेवल पर पुष्कर पशु मेला सबसे बड़ा है , जहां हर वर्ष हजारों पशुओं की खरीद फरोख्त होती है। इसके साथ पशुओं की आवश्यक सामग्री भी इस मेले में मिलती है।
आध्यात्मिक माहौल खिंच लाता है यहां- कई लोग यहां पूजा अर्चना व अपने मन की शांति के लिए यहां आते हैं। आध्यात्मिक माहौल भी यहां आने वाले लोगों को बेहद पसंद आता है।
विभिन्न प्रकार कि प्रतियोगिता- पुष्कर मेले में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है जिसमें देसी विदेशी सभी हिस्सा लेते हैं , सबसे महत्वपूर्ण हैं मूंछ प्रतियोगिता जिसमें सर्वाधिक बड़ी मूंछ रखने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाता है।
राजस्थानी भोजन- पुष्कर मेले में आने वाले लोगों को रेतीले धोरों में बैठकर राजस्थानी भोजन दाल, बाटी ,चूरमा, कड़ी , गट्टे की सब्जी व चांवल, लहसून की चटनी का आनन्द लेना का विशेष अवसर मिलता है।
Published on:
31 Oct 2017 09:11 pm
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