
गर्मी की छुट्टी मनाने मां के साथ आए थे ननिहाल
अजमेर. ग्रीष्मकालीन छुट्टी होते ही बच्चों में ननिहाल जाने का उत्साह और उमंग रहता है। यही खुशी का माहौल रविवार शाम तक टांटोटी निवासी ज्ञानचन्द जैन के परिवार में थी। लेकिन रात की काली छाया ने पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे दिया।
रविवार को नसीराबाद के पास टांटोटी गांव निवासी ज्ञानचन्द जैन अपनी तीन बेटियां रेखा, रसना व राखी के साथ अपनी 5 नातिन अंजना, लक्ष्मी, अनन्या, आरोही व ह्रदया के साथ जयपुर घूमने गए थे। रविवार शाम को जैन परिवार हंसी-खुशी कार में जयपुर से टांटोटी लौट रहा था। रात को श्रीनगर के पास एनएच-48 पर पेश आए हादसे में परिवार की खुशियां छीन गई। कार सवार रेखा, रसना व राखी का कहना है कि हादसे के वक्त सब नींद में थे। क्या हुआ किसी को नहीं पता। सिर्फ जोर का झटका व तेज आवाज आई। राहगीरों ने उन्हें कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मां से छुपाई रखी सच्चाई
हादसे के बाद जेएलएन अस्पताल में जुटे रिश्तेदारों ने राखी को हृदया की मौत की खबर को उसकी मां राखी से भी छुपा कर रखा। लेकिन कुछ घंटे बाद में सामान्य होने के बाद राखी को परिजन उसको ब्यावर ले गए।
ब्यावर-सरेड़ी से ननिहाल टांटोटी
रिश्तेदारों के मुताबिक हादसे में टांटोटी निवासी ज्ञानचन्द जैन की पत्नी मंजू देवी, ब्यावर निवासी विमल जैन की पत्नी रेखा, पुत्री अंजना व लक्ष्मी उर्फ लब्दी, भीलवाड़ा के सरेड़ी निवासी प्रकाशचन्द उर्फ गौरव जैन की पत्नी रसना जैन अपनी दो बेटियां अनन्या व आरोही के साथ पीहर आई थी जबकि ब्यावर के मनीष जैन की पत्नी राखी बेटी ह्रदया के साथ आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद आरोही को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।
दो जगह हुआ पोस्टमार्टम
सड़क हादसे में मृत ज्ञानचंद और हृदया के शवों का पोस्टमार्टम जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में हुआ जबकि कार चालक भागचंद का पोस्टमार्टम किशनगढ़ के यज्ञनारायण चिकित्सालय में करवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिए।
आगे चल रहे ट्रेलर से टकराई
प्रारंभिक पड़ताल में आया कि आगे चल रहे ट्रेलर के ब्रेक लगाने पर चालक भागचन्द ने कार से नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से जा टकरा गई। हालांकि पुलिस दुर्घटना के कारणों की गहनता से पड़ताल में जुटी है।
Published on:
23 May 2023 01:06 am
