
worship in temples
चैत्र नवरात्र में रविवार को अष्टमी-नवमी मनाई गई। शहर के विभिन्न मंदिरों और घरों-संस्थाओं में मैया की पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं का पूजन किया गया। लोगों ने कन्याओं को भोजन कराकर उपहार दिए। कई जगह भंडारे भी हुए।
अष्टमी और नवमी तिथि साथ होने पर लोगों ने कन्याओं के पैर धोकर-तिलक कर पूजा की। इसके बाद पूड़ी, काले चने की सब्जी, सूजी का हलवा, फल और अन्य भोजन कराकर श्रद्धानुसार उपहार दिए गए। बजरंगढ़ स्थित अम्बे माता मंदिर पर कन्याओं के पैर धुलाकर, पूजन कर भोजन कराया गया। कन्याओं को उपहार दिए गए। अध्यक्ष राजेश टंडन, करणसिंह और अन्य मौजूद रहे। इसी तरह शहर के कई मंदिरों-घरों में कन्या पूजन, भंडारा और अन्य कार्यक्रम हुए। कई जगह काली माता की शोभायात्रा, कलश यात्रा भी निकाली गई।
मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
प्राचीन चामुंडा मंदिर, मेहन्दीपुर बालाजी, मेहन्दी खोला माता मंदिर, बजरंगढ़ स्थित अम्बे माता मंदिर, नौसर घाटी स्थित नौसर माता और अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर शंख और घडिय़ाल से गूंज उठे। लोगों ने माता को लाल चुनरी, श्रीफल, सोलह श्रंगार की सामग्री, फल, माला और अन्य सामग्री चढ़ाकर घर-परिवार में खुशहाली की कामना की।
निकली माता-सांई बाबा की सवारी
श्री चंद्रवेश्वर महादेव प्रबंध कारिणी सभा के तत्वावधान में चांदबावड़ी स्थित दुर्गा काली माता मंदिर से ढोल-ढमाकों के बीच दुर्गा माता का जुलूस निकला। जुलूस रावण की बगीची, त्रिलोक नगर, राजेंद्र स्कूल, सीताराम गौशाला, आशागंज, चांद बावड़ी, दयानंद मार्केट, कवंडसपुरा, मदार गेट, नगर निगम, नया बाजार, आगरा गेट, खाईलैंड, स्टेशन रोड, केसरगंज, सब्जीमंडी ईदगाह होकर वापस मंदिर पहुंचा। काली का अखाड़ा करतब दिखाते चला। इसी तरह सांई बाबा मंदिर अजयनगर में रामनवमी महोत्सव मनाया गया।
Published on:
25 Mar 2018 03:23 pm
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