
cbse neet 2018 exam
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) के प्रवेश पत्र अप्रेल के दूसरे सप्ताह में वेबसाइट पर अपलोड होंगे। सीबीएसई ऑनलाइन फार्म की जांच पूरी कर चुका है।
मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए सीबीएसई 6 मई को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट का आयोजन करेगा। इसके ऑनलाइन फार्म और फीस जमा सहित त्रुटियों में सुधार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बोर्ड विद्यार्थियों के फार्म की जांच भीकर चुका है। अप्रेल के दूसरे सप्ताह में विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड होंगे। मालूम हो कि इस बार करीब 14 लाख विद्यार्थियों ने नीट के फार्म भरे हैं।
अब उर्दू में भी पेपर
सीबीएसई पहली बार उर्दू भाषा में भी नीट का पेपर तैयार करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामिक स्टूडेंट यूनियन की याचिका के बाद पिछले साल यह आदेश दिए थे। मालूम हो कि नीट का पेपर अंग्रेजी अैार हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में भी आता है।
कई राज्यों ने अपनाया नीट
नीट को कई राज्यों ने अपनाया हैं। इनमें राजस्थान सहित गुजरात, यूपी, नई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश सहित अन्य प्रांत शामिल हैं। पहले इन राज्यों में प्री. मेडिकल टेस्ट होता था। इसके चलते विद्यार्थियों को केंद्र और राज्य स्तरीय मेडिकल कॉलेज में दाखिलों के लिए अलग-अलग पेपर देने पड़ते थे। तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा को ही मेडिकल कोर्स में प्रवेश का आधार बना दिया गया।
पहले थी एआईपीएमटी
नीट परीक्षा 2014-15 से शुरू हुई है। इससे पहले सीबीएसई इसे ऑल इंडिया प्री. मेडिकल टेस्ट के नाम से कराता था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के लिए एकल परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से नीट परीक्षा कराई जाती है। हालांकि कई राज्य अपनी-अपनी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी कराते हैं। लेकिन अब मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश का मुख्य आधार नीट परीक्षा है।
पेपर की सुरक्षा चुनौती
सीबीएसई के लिए जेईई मेन्स और नीट के पेपर की सुरक्षा बड़ी चुनैाती है। दसवीं और बारहवीं में जिस तरह पेपर आउट हुए हैं, उसके चलते सीबीएसई को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। इसके लिए विशेष टास्क फोर्स भी बनाई गई है।
परीक्षा में विषय और अंकबायलॉजी-360, फिजिक्स-180, केमिस्ट्री-180
Published on:
04 Apr 2018 08:00 am
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