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NEET Exam…किसी को फिजिक्स तो किसी को केमिस्ट्री ने किया परेशान

सीबीएसई की नीट परीक्षा का विशेषज्ञों ने भी विश्लेषण किया।

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neet 2018 exam conduct by cbse

neet 2018 exam conduct by cbse

नीट परीक्षा 2018 रविवार को हो गई। किसी को फिजिक्स तो किसी को केमिस्ट्री टफ लगी। बायलॉजी के पेपर को संतुलित बताया गया। सीबीएसई की नीट परीक्षा का विशेषज्ञों ने भी विश्लेषण किया।

नीट 2018 में केमिस्ट्री का पेपर पिछले दो वर्षों की तुलना में अच्छे स्तर का था। पेपर में 22 प्रश्न कक्षा 11 के स्लेबस पर आधारित थे तथा शेष कक्षा 12 के सिलेबस पर आधारित थे। कार्बनिक रसायन के प्रश्न अत्यन्त सरल थे। टिकेश्वर दत्त शर्मा के अनुसार फिजिक्स का पेपर अच्छे स्तर का था। 24 प्रश्न कक्षा 12 वीं और 21 प्रश्न 11वीं के सिलेबस आधारित थे।

बायलॉजी विषय के प्रश्न एन.सी.ई.आर.टी आधारित थे। कुछ प्रश्न उच्च स्तरीय थे। इन्हें एन.सी.ई.आर.टी. के आधार पर हल नहीं किया जा सकता था। डॉ ऋचा शर्मा और मोहित चौरसिया के अनुसार ट्रायम्फ के नोट्स प्रश्नों को हल करने में पुन: सहायक साबित हुए पिछले वर्ष की तुलना में बायोलॉजी का प्रश्नपत्र कठिन था। इस वर्ष कट ऑफ पिछले वर्ष की तुलना में कम जाने की सम्भावना है।

विजन एम्स के मेंटर डा. शिवम् मिश्रा ने बताया कि बॉयोलोजी भाग के 1 व 2 प्रश्न छोड़कर पूर्णतया एन.सी.ई.आर.टी पर आधारित थे। पेपर का स्तर सरल से मध्यम था। 62 प्रश्न बॉटनी और 28 प्रश्न जूलोजी से आए। कक्षा 11वीं व 12वीं से प्रश्नों की संख्या लगभग समान रही। केमेस्ट्री के कुछ प्रश्नों का स्तर अच्छा और तार्किक था। पेपर एन.सी.ई.आर.टी पर आधारित रहा। ऑरगेनिक एवं इनऑरगेनिक और फिजिकल केमस्ट्री से समान प्रश्न पूछे गए। फिजिक्स का पेपर सामान्य था। 3 या 4 प्रश्नों का स्तर मोडरेट था। पूर्व वर्ष की तुलना मे इस बार पेपर के स्तर मे बदलाव नहीं था। कक्षा 12वीं से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। केल्कुलैशन की वजह से पेपर हल करने मे थोड़ा अधिक समय लगा होगा। विजन एम्स ने नीट की उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। एमबीबीएस की कट ऑफ 550 से ऊपर रहने की उम्मीद है।

पॉजीट्रान के डायरेक्टर पल्लव काबरा, डॉ. दीपक पारीक और भीष्म सावलानी ने बताया कि पेपर हर साल के मुकाबले औसत था। बायोलॉजी सरल थी। सभी प्रश्न एनसीईआरटी पर आधारित रहे। जेनेटिक्स में से उच्च स्तरीय प्रश्न थे। फिजिक्स का पेपर लम्बा होने के कारण कठिन था। प्रायोगिक फिजिक्स में से भी प्रश्र थे। फ्लूइड मेकेनिक्स में से एक भी प्रश्र नही था। केमेस्ट्री का पेपर आसान था। केमेस्ट्री में ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक से ज्यादा प्रश्न थे। फिजिकल केमेस्ट्री के प्रश्न मुश्किल थे। कुछ सवालों में केलकुलेशन मुश्किल थी। कट ऑफ पिछले साल जैसी ही रहने की संभावना है।

आरजी एकेडमी के निदेशक रत्नेश दयाल ने बताया कि फिजिक्स का पेपर बहुत ही सन्तुलित था। पेपर में कई प्रश्न केल्कुलेटिव थे। 22 सवाल ग्यारहवीं और 23 सवाल बारहवीं कक्षा से पूछे गए। 45 में से 21 आसान, 19 मध्यम और 5 कठिन थे। केमिस्ट्री का पेपर कंस्पेटच्युएल था। केलकुलेटिव प्रश्न कम थे। अधिकांश सवाल एनसीईआरटी पर आधारित थे। 27 प्रश्न बारहवीं और 18 ग्यारहवीं के सिलेबस के थे। बायलॉजी का पेपर कंसेप्ट बेस्ड था। इसका स्तर पिछले साल की तरह था। 43 सवाल बारहवीं और 47 ग्यारहवीं कक्षा के थे। बायलॉजी काफी स्कोरिंग रहने की उम्मीद है। इसी कारण फिजिक्स और केमिस्ट्री के अंकों की रैंक निर्धारण में अहम भूमिका रहेगी।