
नाबालिग पीड़िता की मांग में सिंदूर भरते हुए। फाइल फोटो- पत्रिका
अजमेर। नाबालिग को अगवा कर शादी के लिए बेचने के मानव तस्करी और दुष्कर्म के मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। प्रकरण के आरोपी चूरू के सरदारशहर निवासी संजय गुर्जर उर्फ संजू ने पीड़िता की मांग में सिंदूर भरने के बाद उसकी पहचान बदलने का प्रयास किया। आरोप है कि उसने पीड़िता का नाम बदलकर बालिग साबित करने के लिए फर्जी तरीके से आधार कार्ड भी बनवा लिया। हालांकि पुलिस की ओर से पीड़िता के कराए मेडिकल परीक्षण में उसकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच होना सामने आया।
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पुलिस ने नाम परिवर्तन और आधार कार्ड बनाने का तथ्य फिलहाल अनुसंधान में सामने नहीं आना बताते हुए ऐसा कोई भी सबूत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस इन तथ्यों की जांच में भी जुट गई है। अनुसंधान में सामने आया कि पीड़िता को बालिग दर्शाने के लिए उसकी पहचान बदलने की कोशिश की गई। इसके लिए उसे नया नाम देकर आधार कार्ड बनवाया गया। दस्तावेजों में उम्र से संबंधित गलत जानकारी दर्ज कराई गई, लेकिन मेडिकल बोर्ड की जांच में पीड़िता की वास्तविक उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच में पाई गई। जिससे आरोपी के फर्जीवाड़े की करतूत सामने आ गई। पुलिस इस गोरखधंधे में शामिल आरोपियों की पहचान कर रही है।
अजमेर पुलिस की ओर से प्रकरण की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने बिजली उर्फ अफसाना और नूरजहां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं प्रकरण में फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की शुरुआत में दरगाह थाना स्तर पर लापरवाही के आरोप लगे थे, लेकिन उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद जांच की दिशा बदल गई। कार्यवाहक एसपी उषा यादव के निर्देश के बाद एएसपी (सिटी) हिमांशु जांगिड़ की ओर से उप अधीक्षक दरगाह लक्ष्मणराम चौधरी को अनुसंधान सौंपे जाने के बाद मामले में महत्वपूर्ण खुलासे हुए। जांच के दौरान पीड़िता को सरदारशहर में बेचे जाने से पहले पुष्कर में हुए गैंगरेप की घटना भी सामने आई। पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
नाबालिग से गैंगरेप और मानव तस्करी से जुड़े मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गैंगरेप के मामले में फरार बाबूलाल सहित अन्य संदिग्धों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ आरोपियों के अन्य राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। गिरोह से जुड़े ऑटो रिक्शा चालक खुर्शीद की भी तलाश की जा रही है।
अनुसंधान में पीड़िता का नाम बदलकर आधार कार्ड बनवाने वाले तथ्य और दस्तावेज फिलहाल सामने नहीं आया है। अनुसंधान में ऐसा कुछ मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
Updated on:
23 Jun 2026, 7:11 PM IST
Published on:
23 Jun 2026, 7:11 PM IST
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