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नियम तो है, मगर बैक सीट बेल्ट से किसी को नहीं सरोकार. . .

यातायात पुलिस व परिवहन विभाग भी नहीं दिखाता सख्ती, फ्रंट सीट बेल्ट पर ही रहती है पुलिस की नजर

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अजमेर

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Manish Singh

Dec 25, 2022

नियम तो है, मगर बैक सीट बेल्ट से किसी को नहीं सरोकार. . .

नियम तो है, मगर बैक सीट बेल्ट से किसी को नहीं सरोकार. . .

अजमेर.

राजमार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ते मौत के आंकड़ों ने चौपहिया वाहनों में ना केवल आगे बल्कि पीछे की सीट पर बैठी सवारियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। आमतौर पर चालक व उसके बगल की सीट पर बैठी सवारी के इन-बैल्ट होने पर ही फोकस किया जाता है लेकिन अब पीछे बैठे यात्रियों को भी सीट बेल्ट लगानी होगी। ऐसा नहीं होने पर चालक को चालान के साथ लाइसेंस निलम्बन की मार झेलनी पड़ सकती है।

प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों व जान गंवाने वालों की बढ़ती तादाद पर नियंत्रण के लिए चौपहिया वाहन में पीछे बैठी सवारियों पर सीट बेल्ट की अनिवार्यता के नियम की पालना करवाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय ने परिवहन विभाग व यातायात पुलिस को सीट बेल्ट की अनिवार्यता के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए चालान बनाने व चालक का लाइसेंस निलम्बित करने के आदेश दिए है।

केस-1

टाटा के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की 6 सितम्बर को मुम्बई-अहमदाबाद हाईवे पर सड़क हादसे में मौत के बाद पीछे की सवारियों के सीट बेल्ट नहीं लगाने को परिवहन मंत्रालय ने गम्भीरता से लिया था। जिसके मद्देनजर पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों को सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता लागू की गयी थी।

केस-2

अजमेर के बांदनवाड़ा के निकट गत 23 दिसम्बर को राजमार्ग पर खड़े ट्रेलर से टकराई कार में कोटपूतली के सांगतेड़ा के चार दोस्त शेरसिंह, सतवीर, संदीप व हवासिंह की दर्दनाक मौत में भी पीछे बैठी दोनों सवारी सीट बेल्ट नहीं लगी होने से वाहन से बाहर आ गिरी थी।

यह है नियम

परिवहन विभाग के मुताबिक चौपहिया वाहन में सवार प्रत्येक यात्री को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। चालक की जिम्मेदारी है कि वह सभी के इन-बेल्ट होने के बाद ही वाहन आगे बढ़ाए। किसी भी सवारी के बिना सीट बेल्ट होने पर चालक पर 1 हजार रुपए का चालान व लाइसेंस निलम्बित करे जाने का नियम है।

यह है जुर्माने का प्रावधान

-सीट बेल्ट नहीं पहनने पर चालक का 1000 का जुर्माना

-चालक का लाइसेंस 3 माह के लिए निलम्बित

-निलम्बन अवधि में वाहन चलाते पकड़े जाने पर दोगुना जुर्माना

-निलम्बन अवधि समाप्त होने पर दो दिन का प्रशिक्षण

-सामुदायिक सेवा भी करनी पड़ सकती है- इसमें रक्तदान, विद्यालय में यातायात नियमों की जानकारी देने या किसी भी सड़क व चौराहे पर नियमों की जानकारी से अवगत करवाने की सजा दी जा सकती है।

लगेगी हादसों पर लगाम. . .

चौपहिया वाहनों में पिछली सीट पर बैठी सवारियों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता के चलते हादसों को भी स्वत: ही नियंत्रित किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के तहत किसी भी फोर-व्हीलर में जाहिरा तौर पर उतनी ही सवारियां बैठाई जा सकेंगी जितनी वाहन की क्षमता है। वाहन में सीट बेल्ट भी उतनी ही संख्या में लगी होने से वाहन ओवरक्राउड नहीं हो सकेंगे। जुर्माने और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान केवल चालक के लिए होने पर उसे भी इसका ध्यान रखना होगा। हालांकि इसके लिए सड़कों पर प्रभावी निरीक्षण और सख्ती की भी उतनी ही दरकार है।

इनका कहना है...

चौपहिया वाहन में पीछे के यात्रियों के सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता पूर्व में लागू थी लेकिन चलन में नहीं आ सकी थी। अब मंत्रालय के निर्देश पर जिले में भी समझाइश के बाद संख्ती से लागू कर दिया है। बगैर सीट बेल्ट मिलने पर यातायात पुलिस व परिवहन विभाग चालक के खिलाफ चालान बनाकर लाइसेंस निलम्बन की प्रक्रिया अपनाएगा।

डा. वीरेन्द्रसिंह राठौड़, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अजमेर

सीट बेल्ट की अनिवायर्ता पहले लागू थी लेकिन अब सख्ती से चालान व लाइसेंस निलम्बन की कार्रवाई की जाएगी। चालक सभी यात्रियों के सीट बेल्ट लगाने के बाद वाहन को आगे बढ़ाए।

रामअवतार चौधरी, पुलिस उप अधीक्षक यातायात अजमेर