
संविदा कर्मियों के भरोसे चल रहे दफ्तर, अटक रहे लोगोंं के काम !
अजमेर. राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी संघ की ओर से पिछले डेढ़ माह से किए जा रहे आंदोलन पर सरकारी उपेक्षा भारी पड़ रही है। इससे कर्मचारियों में भी नाराजगी बनी हुई है। 17 अप्रेल से जयपुर का महापड़ाव भी सरकार पर कोई दबाव नहीं बना सका है। अजमेर जिले के लगभग 50 विभागों के पांच सौ से अधिक कार्मिक केडर रिवीजन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। कर्मचारी संगठनों की गुटबाजी के चलते कुछ कर्मचारी पिछले दिनों काम पर लौट आए। इनमें राजस्व विभाग से जुड़े कई कार्यालयों के कार्मिक शामिल हैं। हालांकि कर्मचारी संघ का दावा है कि अधिकांश कार्मिक अब भी हड़ताल पर हैं।
संविदा कर्मियों के भरोसे काम
राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी महासंघ अध्यक्ष मुकेश धारू व कलक्ट्रेट संघ अध्यक्ष राजेश भार्गव का कहना है कि राजस्व विभाग व कुछ अन्य दफ्तरों में कर्मचारी मौके पर पहुंंच रहे हैं। अन्य में इक्का-दुक्का कार्मिक ही हैं।विभागों में लगे संविदा कर्मियों के भरोसे प्रशासन कामकाज चला रहा है। इससे विभाग की गोपनीयता भी भंग होती है। संविदाकर्मी की उतनी जिम्मेदारी भी नहीं होती तथा प्रशासनिक कामकाज भी पूरे नहीं होते।केडर रिवाइज हो, ग्रेड संशोधित करें
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मंत्रालयिक कर्मचारियों के केडर सचिवालय कर्मचारियों के समान करने, ग्रेडिंग संशोधित करने सहित कई मांगें शामिल हैं।एक माह से ज्यादा का महापड़ाव
कर्मचारियों ने गत 11 अप्रेल से प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान किया था, 17 अप्रेल से जयपुर में शुरू किए गए महापड़ाव में प्रदेश भर के जिलों से कर्मचारी शामिल हो रहे हैं।अटकने लगे कामकाज
शिक्षा विभाग, कलक्ट्रेट, राजस्व विभाग, आबकारी, सेल्स टैक्स, प्रावधायी निधि विभाग, भूजल, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग व पंजीयन विभाग, संभागीय आयुक्त, उपखंड कार्यालय, तहसील में लोगों के जरूरी काम अटके हुए हैं।उपपंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री नहीं होने से सरकार को प्रतिदिन करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। वसीयतनामा, गोदनामा के पंजीयन अटके हुए हैं।
Published on:
23 May 2023 11:58 pm
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