अनदेखी : अजमेर और ब्यावर में विद्युत कनेक्शन बिना अटके ऑक्सीजन जनरेशन लांट,धूल फांक रही मशीनें

ऑक्सीजन प्लांट के लिए प्लेटफार्म तैयार,मशीनें रखी हुई है। विद्युत निगम ने कनेक्शन के लिए डिमांड नोटिस जारी कर दिए,लेकिन इतनी मोटी रकम किस मद में से जमा कराई जाए,यही असमंजस बना हुआ है।

By: suresh bharti

Published: 18 Jul 2021, 11:19 PM IST

अजमेर/ब्यावर. अमृतकौर चिकित्सालय ब्यावर में 55 लाख की लागत से बन रहे ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के प्लेटफार्म बनने के बाद धूल फांक रही है। करीब नौ लाख का डिमांड नोट दिया है। ब्यावर के अमृतकौर चिकित्सालय में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने के लिए उपकरण करीब एक पखवाड़े से खुले आसमां तले पड़े हैं। अब तक विद्युत कनेक्शन के लिए डिमांड राशि किस मद से जमा होगी।

उधर, जेएलएन अस्पताल,अजमेर के लिए 19.77 लाख, जनाना अस्पताल के लिए 10.99 लाख तथा श्रीनगर सीएचसी के लिए 15.51 लाख रुपए सहित 46.27 लाख रुपए खर्च कर तीनों अस्पतालों के विद्युत तंत्र को बढ़ाया जाएगा। जेएलएन अस्पताल अधीक्षक ने इसके लिए स्मार्ट सिटी को पत्र लिखा है।
ब्यावर में विद्युत निगम ने विद्युत कनेक्शन के लिए करीब नौ लाख का डिमांड नोट दिया है, लेकिन यह राशि किस मद से दी जानी है। इसको लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट में मशीनों का स्थापित करने का काम अटका पड़ा है।

विधायक कोष से मिला बजट

गौरतलब है कि अमृतकौर चिकित्सालय में 55 लाख की लागत से ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण के लिए विधायक शंकरसिंह रावत ने विधायक कोष से 55 लाख की स्वीकृति जारी की है। राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लान्ट लगाने की घोषणा की।

इस पर खर्च होने वाली राशि का भार नगर परिषद के जिम्मे डाल दिया, जबकि नगर परिषद इतनी बड़ी राशि वहन करने में सक्षम नहीं थी। इसके लिए सभापति नरेश कनोजिया एवं आयुक्त ने ऑक्सीजन प्लान्ट लगाने के लिए 55 लाख रुपए की राशि विधायक कोष से स्वीकृत करने का अनुरोध किया। विधायक रावत ने विधायक कोष से 55 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की है।

हैल्थ मैनेजर, अमृतकौर चिकित्सालय, ब्यावर सिद्धांत जोशी के अनुसार ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए विद्युत कनेक्शन लिया जाना है। इसके लिए करीब नौ लाख का डिमांड नोट विद्युत निगम ने दिया है। इसके लिए अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा है। मार्गदर्शन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई जल्द ही कर दी जाएगी।

46.27 लाख की जरूरत, स्मार्ट सिटी से मांगी राशि

अजमेर. जिले को ऑक्सीजन उपलब्धता में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट निर्माण में अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता बाधक बन रही है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए विद्युतभार में बढ़ोतरी तथा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता है। श्रीनगर सीएचसी, जनाना अस्पताल तथा जेएलएन में विद्युत की मौजूदा मांग अस्पताल के हिसाब से है।

अतिरिक्त बिजली के लिए इन अस्पतालो में कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते प्लांट निर्माण का काम रुका हुआ है। जेएलएन अस्पताल के लिए 19.77 लाख, जनाना अस्पताल के लिए 10.99 लाख तथा श्रीनगर सीएचसी के लिए 15.51 लाख रू पए सहित 46.27 लाख रूपए खर्च कर तीनों अस्पतालों के विद्युत तंत्र को बढ़ाया जाएगा। जेएलएन अस्पताल अधीक्षक ने इसके लिए स्मार्ट सिटी को पत्र लिखा है।

जनाना व श्रीनगर में पहुंची मशीनरी, जेएलएन में प्लेटफार्म तैयार

जिले को ऑक्सीजन उपलब्धता में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण ने जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरु कर दी है। इससे दैनिक उत्पादित 300 ऑक्सीजन सिलेंडर गैस जेएलएन अस्पताल, जनाना अस्पताल तथा श्रीनगर सीएचसी में उपयोग में ली जाएगी। श्रीनगर सीएचसी तथा जनाना अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण की मशीनरी पहुंच चुकी है। जेएलएन अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के लिए प्लेटफॉर्म तैयार है। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना पर 1.95 करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं।

इतनी क्षमता के होंगे ऑक्सीजन प्लांट

जेएलएन अस्पताल में 150 सिलेंडर, जनाना अस्पताल में 75 सिलेंडर तथा श्रीनगर सीएचसी में 75 सिलेंडर ऑक्सीजन गैस का प्रतिदिन उत्पादन होगा। तीन प्लांट की स्थापना के लिए प्राधिकरण आयुक्त अक्षय गोदारा ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।

suresh bharti Desk
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